अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने ईरान को एक बार फिर सख्त चेतावनी देते हुए कहा है कि यदि उसने अमेरिका के साथ शांति समझौते पर जल्द हस्ताक्षर नहीं किए, तो उस पर और अधिक भीषण हमले किए जाएंगे। ट्रंप ने दोहराया कि ईरान को किसी भी स्थिति में परमाणु हथियार हासिल नहीं करने दिए जाएंगे।
ट्रंप ने पुष्टि की कि होर्मुज जलडमरूमध्य से गुजर रहे अमेरिकी नौसेना के तीन युद्धपोतों पर हमला किया गया। हालांकि उन्होंने दावा किया कि ईरानी हमले में अमेरिकी जहाजों को कोई नुकसान नहीं हुआ, जबकि जवाबी कार्रवाई में ईरानी हमलावरों की कई छोटी नौकाएं पूरी तरह तबाह कर दी गईं।
ट्रंप ने कहा कि अमेरिकी युद्धपोतों पर दागी गई मिसाइलों को हवा में ही मार गिराया गया। उन्होंने कहा कि ईरान के ड्रोन भी पूरी तरह नष्ट कर दिए गए और समुद्र में गिर गए।
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ट्रंप ने कहा, “एक सामान्य देश अमेरिकी युद्धपोतों को गुजरने देता, लेकिन ईरान सामान्य देश नहीं है। वहां सनकी लोग शासन कर रहे हैं। अगर उन्हें परमाणु हथियार इस्तेमाल करने का मौका मिला, तो वे बिना हिचक ऐसा करेंगे। लेकिन हम उन्हें यह अवसर कभी नहीं देंगे।”
ईरानी के अनुसार, यह सैन्य झड़प क़ेश्म द्वीप के पास हुई। यह द्वीप होर्मुज जलडमरूमध्य में स्थित है और यहां लगभग 1.5 लाख लोग रहते हैं। ईरान इस रणनीतिक समुद्री मार्ग पर पूरा नियंत्रण चाहता है, जबकि अमेरिका चाहता है कि यह अंतरराष्ट्रीय व्यापार के लिए खुला रहे।
अमेरिका और ईरान के बीच परमाणु कार्यक्रम को लेकर वार्ता जारी है, लेकिन अब तक कोई समाधान नहीं निकल पाया है। ईरान का कहना है कि उसका परमाणु कार्यक्रम केवल नागरिक उपयोग के लिए है। वहीं, ईरानी विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता इस्माइल बघाई ने कहा कि पाकिस्तान द्वारा भेजे गए शांति संदेशों की समीक्षा की जा रही है, लेकिन अभी तक अमेरिका को कोई जवाब नहीं दिया गया है।
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