अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने दावा किया है कि उन्होंने व्यक्तिगत रूप से हस्तक्षेप कर इजरायल को हिजबुल्लाह के साथ युद्धविराम के लिए राजी किया। ट्रंप ने कहा कि लेबनान में बढ़ती हिंसा क्षेत्रीय शांति प्रयासों को नुकसान पहुंचा सकती थी, इसलिए उन्होंने इजरायली अधिकारियों से संयम बरतने की अपील की।
एक साक्षात्कार में ट्रंप ने बताया कि उन्होंने इजरायल के अधिकारियों से बातचीत की और चेतावनी दी कि यदि संघर्ष जारी रहा तो ईरान के साथ चल रही व्यापक कूटनीतिक प्रक्रिया प्रभावित हो सकती है। हालांकि उन्होंने यह स्पष्ट नहीं किया कि उनकी बातचीत सीधे इजरायल के प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू से हुई थी या नहीं।
ट्रंप ने कहा, “कभी-कभी आपको शांत रहना चाहिए और अपने दिमाग का इस्तेमाल करना चाहिए।” उनके ये बयान ऐसे समय आए जब इजरायल और हिजबुल्लाह ने कई दिनों की हिंसक झड़पों के बाद युद्धविराम पर सहमति जताई।
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अमेरिकी अधिकारियों के अनुसार, लेबनान में स्थानीय समयानुसार शाम करीब 4 बजे युद्धविराम लागू हुआ। इससे पहले दोनों पक्षों के बीच भारी गोलीबारी और हमले हुए थे। अमेरिका और कतर के मध्यस्थों ने ईरान की सहायता से इस समझौते को अंतिम रूप देने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई।
रिपोर्ट के अनुसार, हिजबुल्लाह के सूत्रों और एक वरिष्ठ इजरायली अधिकारी ने भी युद्धविराम की पुष्टि की है। इजरायली अधिकारी ने कहा कि यदि हिजबुल्लाह हमला नहीं करता है तो युद्ध की स्थिति नहीं होगी, हालांकि इजरायली सेना दक्षिणी लेबनान में तैनात रहेगी।
लेबनान में बढ़ी हिंसा के कारण स्विट्जरलैंड में प्रस्तावित अमेरिका-ईरान वार्ता भी स्थगित करनी पड़ी। यह वार्ता ईरान के परमाणु कार्यक्रम, प्रतिबंधों में राहत और क्षेत्रीय सुरक्षा मुद्दों पर केंद्रित थी। ट्रंप ने ईरान के साथ हुए अंतरिम समझौते का बचाव करते हुए कहा कि आने वाले 60 दिनों में व्यापक समझौते की दिशा में प्रयास जारी रहेंगे।
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