अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प ने संकेत दिए हैं कि वह ईरान के साथ बातचीत के लिए खुले हैं, बशर्ते शर्तें अनुकूल हों। ट्रम्प ने कहा कि उन्हें सुनने में आया है कि तेहरान वार्ता के लिए इच्छुक है, लेकिन किसी भी बातचीत की शर्तें तय होंगी।
एक साक्षात्कार में ट्रम्प ने ईरान के नए सुप्रीम लीडर मोज़तबा खामेनेई की आलोचना भी की और कहा कि वह शांतिपूर्वक शासन नहीं कर पाएंगे।
अमेरिकी रक्षा मंत्री पीट हेगसेथ ने मंगलवार को कहा कि अमेरिकी सेनाएं ईरानी लक्ष्यों पर कार्रवाई तेज कर रही हैं, जिससे संघर्ष में कड़ा उन्नयन दिख रहा है। वहीं, इजरायल ने भी आक्रामक रुख अपनाया है। प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू ने कहा कि उनका अभियान ईरान की शक्ति को कमजोर करने और आम ईरानी जनता को शासन के खिलाफ खड़ा करने के लिए है।
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ईरान शांतिपूर्ण रुख नहीं अपनाने का संकेत दे रहा है। ईरानी संसद के अध्यक्ष मोहम्मद बाघेर कलीबाफ ने किसी भी सीजफायर की खबरों को खारिज करते हुए प्रतिरोध जारी रखने की प्रतिबद्धता जताई।
ईरान ने मध्य पूर्व में अपने सैन्य अभियान तेज कर दिए हैं, जिसमें मिसाइल और ड्रोन हमले शामिल हैं। हाल ही में संयुक्त अरब अमीरात के सबसे बड़े तेल प्रसंस्करण संयंत्र एडीएनओसी रुवाइस रिफाइनरी को निशाना बनाया गया। इन हमलों ने वैश्विक ऊर्जा संकट को और बढ़ा दिया है। कई देशों ने तेल और संसाधनों की आपूर्ति को स्थिर करने के लिए कदम उठाए हैं।
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