अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने चागोस द्वीप समूह की संप्रभुता मॉरीशस को सौंपने के ब्रिटेन के फैसले पर कड़ा प्रहार करते हुए इसे “बहुत बड़ी मूर्खता” करार दिया है। ट्रंप ने कहा कि यह फैसला इस बात का उदाहरण है कि उन्हें ग्रीनलैंड को अपने नियंत्रण में क्यों लेना चाहिए। ट्रंप की इस टिप्पणी के बाद ब्रिटेन की सरकार को मंगलवार (20 जनवरी 2026) को अपने फैसले का बचाव करना पड़ा।
ब्रिटिश सरकार ने स्पष्ट किया कि चागोस द्वीप समूह को मॉरीशस को सौंपने का निर्णय अंतरराष्ट्रीय कानून और लंबे समय से चले आ रहे कूटनीतिक प्रयासों के अनुरूप लिया गया है। दिलचस्प बात यह है कि ट्रंप प्रशासन ने पहले इस योजना का समर्थन किया था, लेकिन अब खुद राष्ट्रपति ने इसकी आलोचना कर दी है।
इस विवाद के बीच ब्रिटेन की सेंट्रिस्ट लिबरल डेमोक्रेट पार्टी के नेता एड डेवी ने लेबर पार्टी के प्रधानमंत्री कीर स्टारमर से अमेरिकी राष्ट्रपति के खिलाफ सख्त रुख अपनाने की मांग की। एड डेवी ने कहा कि ट्रंप “एक अंतरराष्ट्रीय गैंगस्टर की तरह व्यवहार कर रहे हैं।” उन्होंने कहा, “यह साफ दिखाता है कि ट्रंप के प्रति स्टारमर की नीति विफल हो चुकी है। चागोस समझौते को इस बात के प्रमाण के रूप में पेश किया गया था कि सरकार ट्रंप के साथ मिलकर काम कर सकती है, लेकिन अब यह सौदा बिखरता नजर आ रहा है।”
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डेवी ने आगे कहा कि अब समय आ गया है कि ब्रिटेन की सरकार ट्रंप के सामने मजबूती से खड़ी हो। उन्होंने चेतावनी दी कि किसी दबंग नेता को खुश करने की कोशिश कभी सफल नहीं होती।
ट्रंप की टिप्पणी ने न केवल ब्रिटेन-अमेरिका संबंधों में नई तल्खी पैदा की है, बल्कि वैश्विक राजनीति में भी हलचल मचा दी है। विशेषज्ञों का मानना है कि चागोस द्वीप और ग्रीनलैंड जैसे मुद्दे आने वाले समय में पश्चिमी देशों के बीच तनाव का कारण बन सकते हैं।
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