मध्य पूर्व में जारी तनाव के बीच अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने ईरान के साथ चल रहे संघर्ष को समाप्त करने को लेकर किसी भी समयसीमा से इनकार किया है। उन्होंने स्पष्ट किया कि युद्ध खत्म करने को लेकर उन पर किसी प्रकार का दबाव नहीं है। यह बयान ऐसे समय आया है जब क्षेत्र में शांति वार्ताओं को लेकर अनिश्चितता बनी हुई है।
डोनाल्ड ट्रंप ने एक साक्षात्कार में कहा कि इस मुद्दे को जल्दबाजी में समाप्त करने की कोई आवश्यकता नहीं है। उन्होंने उन अटकलों को भी खारिज किया, जिनमें कहा जा रहा था कि वह मध्यावधि चुनावों के कारण जल्द समाधान चाहते हैं। व्हाइट हाउस ने भी पुष्टि की है कि ईरान को शांति प्रस्ताव देने के लिए कोई तय समयसीमा नहीं दी गई है।
व्हाइट हाउस की प्रेस सचिव कैरोलिन लेविट ने कहा कि राष्ट्रपति ने ईरान से प्रस्ताव प्राप्त करने के लिए कोई निश्चित समय तय नहीं किया है और यह निर्णय पूरी तरह से शीर्ष नेतृत्व पर निर्भर करेगा।
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हालांकि संघर्ष विराम के बावजूद अमेरिका ने ईरान पर नौसैनिक नाकेबंदी जारी रखी है, जिसकी तेहरान ने लगातार आलोचना की है। इसके साथ ही अमेरिका होर्मुज जलडमरूमध्य में बिछाई गई बारूदी सुरंगों को हटाने की तैयारी कर रहा है, जिसमें कई महीने लग सकते हैं। यह जलमार्ग वैश्विक कच्चे तेल आपूर्ति के लिए अत्यंत महत्वपूर्ण माना जाता है।
इस बीच ईरान ने दो जहाजों को जब्त किया है, जिस पर व्हाइट हाउस ने कहा कि यह संघर्ष विराम का उल्लंघन नहीं है क्योंकि ये जहाज अमेरिकी या इजरायली नहीं थे। अमेरिका ने ईरान की नौसेना को कमजोर बताते हुए उसकी कार्रवाई की आलोचना की है।
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