ब्रिटेन और फ्रांस की वायु सेनाओं ने शनिवार (3 जनवरी 2026) की शाम सीरिया के पलमायरा क्षेत्र में इस्लामिक स्टेट (आईएस) के एक संदिग्ध भूमिगत हथियार भंडार को निशाना बनाते हुए संयुक्त सैन्य अभियान चलाया। ब्रिटेन के रक्षा मंत्रालय ने बताया कि यह ठिकाना पहले आतंकी संगठन इस्लामिक स्टेट द्वारा हथियार और विस्फोटक रखने के लिए इस्तेमाल किया जाता था।
ब्रिटेन के अनुसार, पश्चिमी देशों के लड़ाकू विमान सीरिया में लगातार गश्त कर रहे हैं, ताकि 2019 में पराजित किए गए इस्लामिक स्टेट की दोबारा वापसी को रोका जा सके। खुफिया विश्लेषण के जरिए पलमायरा के उत्तर में पहाड़ी इलाके में स्थित एक भूमिगत संरचना की पहचान की गई, जिसके बारे में माना जा रहा था कि वहां हथियार और विस्फोटक जमा किए जा रहे हैं।
ब्रिटिश रक्षा मंत्रालय ने अपने बयान में कहा, “हमारे विमानों ने पावेवे-IV (Paveway IV) गाइडेड बमों का इस्तेमाल करते हुए उस सुविधा तक जाने वाली कई सुरंगों को निशाना बनाया। विस्तृत आकलन अभी जारी है, लेकिन शुरुआती संकेत बताते हैं कि लक्ष्य को सफलतापूर्वक भेदा गया है।”
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ब्रिटेन ने यह भी स्पष्ट किया कि हमले से पहले यह सुनिश्चित किया गया था कि संबंधित क्षेत्र में कोई भी नागरिक आबादी मौजूद नहीं है। मंत्रालय के अनुसार, इस ऑपरेशन में शामिल सभी विमान सुरक्षित रूप से अपने ठिकानों पर लौट आए हैं।
ब्रिटेन के रक्षा सचिव जॉन हीली ने कहा, “यह कार्रवाई हमारी नेतृत्व क्षमता और अपने सहयोगियों के साथ कंधे से कंधा मिलाकर खड़े रहने के हमारे संकल्प को दर्शाती है। हम मध्य पूर्व में दाएश (इस्लामिक स्टेट) और उसकी खतरनाक व हिंसक विचारधाराओं की किसी भी संभावित वापसी को पूरी तरह खत्म करने के लिए प्रतिबद्ध हैं।”
ब्रिटेन ने बताया कि इस हमले में टाइफून FGR4 लड़ाकू विमानों का इस्तेमाल किया गया, जिन्हें वॉयेजर रिफ्यूलिंग टैंकर से ईंधन सहायता प्रदान की गई। इस संयुक्त अभियान को क्षेत्रीय सुरक्षा बनाए रखने की दिशा में एक अहम कदम माना जा रहा है।
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