यूक्रेन ने बताया है कि रूस के साथ हुए ताज़ा समझौते के तहत उसे युद्ध में मारे गए अपने 1,000 सैनिकों के शव प्राप्त हुए हैं। लगभग चार वर्षों से जारी रूस-यूक्रेन युद्ध के बीच यह शवों का आदान-प्रदान दोनों देशों के बीच पहले से हुए समझौतों का हिस्सा है, ताकि युद्ध में जान गंवाने वाले सैनिकों के परिवार उन्हें अंतिम विदाई दे सकें।
रूस और यूक्रेन, दोनों ने गुरुवार को इस आदान-प्रदान की पुष्टि की। क्रेमलिन के सहायक व्लादिमीर मेदिंस्की ने कहा कि “इस्तांबुल समझौतों के ढांचे के तहत 1,000 मृत यूक्रेनी सैनिकों के शव यूक्रेन को सौंपे गए हैं।” उन्होंने यह भी बताया कि इसके बदले 38 मृत रूसी सैनिकों के शव रूस को लौटाए गए हैं।
यूक्रेन के युद्धबंदियों के समन्वय मुख्यालय (Coordination Headquarters for the Treatment of Prisoners of War) ने भी बयान जारी कर शवों की वापसी की पुष्टि की। बयान में कहा गया कि गुरुवार को हुए प्रत्यावर्तन कार्यक्रमों के तहत एक हजार शव यूक्रेन वापस लाए गए। अधिकारियों के अनुसार, शवों की पहचान की प्रक्रिया के बाद उन्हें उनके परिवारों को सौंपा जाएगा।
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यह घटनाक्रम ऐसे समय में हुआ है जब फरवरी 2022 में शुरू हुआ रूस का पूर्ण पैमाने पर हमला थमने का नाम नहीं ले रहा है। युद्ध का असर आम नागरिकों पर भी गहराता जा रहा है, खासकर कड़ाके की सर्दी के बीच।
यूक्रेन की सरकारी मौसम एजेंसी ने चेतावनी दी है कि आने वाले दिनों में तापमान शून्य से 30 डिग्री सेल्सियस तक गिर सकता है। यूक्रेनी हाइड्रोमेटियोरोलॉजिकल सेंटर के अनुसार, सबसे ठंडी रातें 1 से 3 फरवरी के बीच रहने की आशंका है।
इस भीषण ठंड के बीच रूस द्वारा ऊर्जा ढांचे पर किए गए मिसाइल और ड्रोन हमलों ने हालात और मुश्किल बना दिए हैं। बार-बार हो रहे हमलों से हीटिंग और बिजली आपूर्ति पहले से ही प्रभावित है, जिससे लाखों नागरिकों के लिए सर्दियों में जीवन कठिन हो गया है।
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