संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद ने गुरुवार (15 जनवरी, 2026) को अमेरिका के अनुरोध पर एक आपात बैठक में ईरान में जारी हिंसक प्रदर्शनों पर चर्चा की।
बैठक से पहले तेहरान ने तनाव कम करने के संकेत देते हुए कुछ सुलहात्मक बयान दिए। यह कदम ऐसे समय आया, जब राष्ट्रपति ट्रंप ने प्रदर्शनकारियों की हत्या और कथित तौर पर गिरफ्तार लोगों को फांसी दिए जाने की घटनाओं को लेकर कार्रवाई की चेतावनी दी थी। व्हाइट हाउस की प्रेस सचिव कैरोलिन लेविट ने बैठक से पहले कहा, “राष्ट्रपति के लिए सभी विकल्प खुले हैं।”
गुरुवार को तेहरान की सड़कों पर गोलीबारी की आवाजें कम होती सुनाई दीं। हालांकि, ईरान ने बिना किसी आधिकारिक कारण के कई घंटों के लिए अपने हवाई क्षेत्र को वाणिज्यिक उड़ानों के लिए बंद कर दिया। इसके साथ ही, कतर स्थित एक प्रमुख अमेरिकी सैन्य अड्डे पर तैनात कुछ कर्मियों को स्थान खाली करने की सलाह दी गई। कुवैत स्थित अमेरिकी दूतावास ने भी अपने कर्मचारियों को वहां मौजूद कई सैन्य ठिकानों की यात्रा अस्थायी रूप से रोकने का आदेश दिया।
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संयुक्त राष्ट्र ने ईरान पर संभावित सैन्य हमलों को लेकर चेतावनी दी कि इससे पहले से ही अस्थिर स्थिति और अधिक विस्फोटक हो सकती है। बैठक में संयुक्त राष्ट्र महासचिव एंतोनियो गुटेरेस की ओर से सहायक महासचिव मार्था पोबी ने कहा कि महासचिव इस संवेदनशील समय में अधिकतम संयम बरतने का आग्रह करते हैं और सभी पक्षों से ऐसे किसी भी कदम से बचने को कहते हैं, जिससे जानमाल का और नुकसान न हो या क्षेत्रीय तनाव न बढ़े। उन्होंने दोहराया कि ईरान से जुड़े सभी मुद्दों, जिनमें उसका परमाणु कार्यक्रम भी शामिल है, का समाधान कूटनीति और संवाद से ही होना चाहिए।
इस बीच, अमेरिका में रहने वाली प्रमुख ईरानी असंतुष्ट मसिह अलीनेजाद ने संयुक्त राष्ट्र और सुरक्षा परिषद पर आरोप लगाया कि उन्होंने इस संकट पर उतनी तत्परता से प्रतिक्रिया नहीं दी, जितनी जरूरी थी। अमेरिकी आमंत्रण पर बैठक में मौजूद अलीनेजाद ने कहा कि परिषद के सदस्य अपनी जिम्मेदारियों को भूलते नजर आ रहे हैं।
बैठक से पहले ईरान के विदेश मंत्री अब्बास अराघची और संयुक्त राष्ट्र महासचिव गुटेरेस के बीच फोन पर बातचीत भी हुई, जिसमें हालिया प्रदर्शनों और ईरान द्वारा विदेशी हस्तक्षेप की निंदा की मांग पर चर्चा की गई।
अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने यह स्पष्ट नहीं किया कि इस्लामिक रिपब्लिक ऑफ ईरान के खिलाफ वह आगे क्या कदम उठाएंगे।
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