उत्तर प्रदेश की योगी आदित्यनाथ सरकार ने राज्य के बुजुर्गों, दिव्यांगों और असहाय लोगों के लिए बड़ा फैसला लिया है। अब ऐसे लोगों को मुफ्त राशन लेने के लिए सरकारी राशन की दुकान तक जाने की जरूरत नहीं होगी। सरकार की नई व्यवस्था के तहत पात्र लोगों को राशन उनके घर तक पहुंचाया जाएगा।
प्रदेश के खाद्य एवं रसद मंत्री मनोज कुमार पांडे ने बुधवार को लखनऊ में आयोजित प्रेस कॉन्फ्रेंस में इस योजना की जानकारी दी। उन्होंने कहा कि राज्य में रहने वाले अकेले बुजुर्ग, दिव्यांग और ऐसे लोग जो शारीरिक रूप से कमजोर हैं या राशन की दुकान तक पहुंचने में असमर्थ हैं, उन्हें घर बैठे ही खाद्यान्न उपलब्ध कराया जाएगा।
मंत्री ने कहा कि सरकार की प्राथमिकता यह सुनिश्चित करना है कि कोई भी पात्र व्यक्ति सरकारी राशन योजना से वंचित न रहे। उन्होंने बताया कि राशन वितरण प्रणाली में कई सुधार किए जा रहे हैं ताकि जरूरतमंद लोगों को समय पर लाभ मिल सके।
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मनोज कुमार पांडे ने कहा कि सरकार ने ऐसे लोगों की पहचान करने के निर्देश जारी कर दिए हैं, जिन्हें राशन लेने के लिए परेशानी का सामना करना पड़ता है। उन्होंने बताया कि अगले दो महीने में करीब 47 लाख लोगों को मुफ्त खाद्यान्न योजना से जोड़ने का प्रयास किया जाएगा। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ का स्पष्ट निर्देश है कि एक भी पात्र व्यक्ति योजना से बाहर नहीं रहना चाहिए।
उन्होंने यह भी कहा कि यदि किसी व्यक्ति का नाम राजनीतिक कारणों या आपसी विवाद के चलते राशन सूची से हट गया है, तो उसकी दोबारा जांच कर पात्र होने पर नाम जोड़ा जाएगा।
सरकार ने राशन वितरण को और आसान बनाने के लिए कई अन्य कदम भी उठाए हैं। अब राशन की दुकानों पर खाद्यान्न पहुंचने के बाद लाभार्थियों को मोबाइल संदेश के माध्यम से सूचना दी जाएगी, जिससे उन्हें अनावश्यक रूप से दुकानों के चक्कर नहीं लगाने पड़ेंगे।
इसके अलावा राशन दुकानों पर आने वाले लोगों के लिए बैठने की व्यवस्था करने के निर्देश दिए गए हैं। गर्मी के मौसम को देखते हुए दुकानों पर पीने के पानी की व्यवस्था करने के लिए भी कहा गया है। सरकार का उद्देश्य है कि राशन वितरण व्यवस्था अधिक सुविधाजनक, पारदर्शी और जरूरतमंदों के अनुकूल बनाई जा सके।
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