अमेरिका और आर्मेनिया ने असैन्य परमाणु क्षेत्र में सहयोग को लेकर अहम समझौता किया है। यह कदम दक्षिण काकेशस क्षेत्र में शांति समझौते के कुछ महीनों बाद उठाया गया है, जिससे वाशिंगटन और येरेवन के बीच रणनीतिक संबंधों को नई मजबूती मिलने की उम्मीद है।
आर्मेनिया के प्रधानमंत्री निकोल पाशिन्यान और अमेरिका के उपराष्ट्रपति जेडी वेंस ने परमाणु क्षेत्र से जुड़े समझौते पर हस्ताक्षर किए। दोनों नेताओं ने बताया कि ‘123 एग्रीमेंट’ पर वार्ता पूरी हो चुकी है, जिसके तहत अमेरिका अन्य देशों को कानूनी रूप से परमाणु तकनीक और उपकरण निर्यात कर सकता है।
वेंस के अनुसार, इस समझौते से आर्मेनिया को शुरुआती चरण में 5 अरब डॉलर तक के अमेरिकी निर्यात का लाभ मिलेगा, जबकि दीर्घकालिक ईंधन और रखरखाव अनुबंधों के तहत अतिरिक्त 4 अरब डॉलर के अवसर बनेंगे। पाशिन्यान ने कहा कि यह समझौता दोनों देशों के बीच ऊर्जा साझेदारी के नए अध्याय की शुरुआत करेगा।
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ऊर्जा आपूर्ति के लिए लंबे समय से रूस और ईरान पर निर्भर आर्मेनिया अब अपने पुराने मेट्सामोर परमाणु संयंत्र के स्थान पर नए रिएक्टर के निर्माण हेतु विभिन्न देशों के प्रस्तावों की समीक्षा कर रहा है। अमेरिका के अलावा रूस, चीन, फ्रांस और दक्षिण कोरिया की कंपनियां भी दौड़ में हैं। हालांकि अंतिम निर्णय नहीं हुआ है, लेकिन इस समझौते से अमेरिकी परियोजना को बढ़त मिल सकती है।
रूस, जो पारंपरिक रूप से दक्षिण काकेशस को अपना प्रभाव क्षेत्र मानता रहा है, ने अपने प्रस्ताव को बेहतर विकल्प बताया है। रूसी परमाणु निगम रोसाटॉम ने परियोजना को तेजी से लागू करने की तत्परता जताई है।
विशेषज्ञों का मानना है कि आर्मेनिया अब अपने साझेदारों में विविधता लाना चाहता है। राजनीतिक विश्लेषकों के अनुसार, परमाणु सहयोग में विविधीकरण येरेवन की प्राथमिकता बन चुका है और फिलहाल अमेरिका को प्राथमिक विकल्प के रूप में देखा जा रहा है।
वेंस की यह यात्रा उस समय हो रही है जब हाल ही में आर्मेनिया और अजरबैजान के बीच शांति प्रक्रिया आगे बढ़ी है। वेंस ने ‘ट्रंप रूट फॉर इंटरनेशनल पीस एंड प्रॉस्पेरिटी (TRIPP)’ कॉरिडोर को भी आगे बढ़ाने पर जोर दिया। प्रस्तावित 43 किलोमीटर लंबा यह मार्ग आर्मेनिया के दक्षिणी हिस्से से होकर अजरबैजान को उसके नखिचेवन क्षेत्र और तुर्किये से जोड़ेगा।
यह कॉरिडोर एशिया और यूरोप के बीच संपर्क मजबूत करेगा तथा रूस और ईरान को बायपास करते हुए ऊर्जा और व्यापार मार्गों में विविधता लाएगा।
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