अमेरिका और कनाडा के बीच व्यापार युद्ध लगातार गहराता जा रहा है। व्हाइट हाउस ने घोषणा की है कि अमेरिका कनाडा से आने वाले डेयरी उत्पादों, अधिकांश मादक पेय और मोटरसाइकिलों पर प्रतिबंध लगाएगा। यह प्रतिबंध तीन सप्ताह बाद प्रभावी होगा। यह फैसला कनाडा द्वारा अमेरिकी आयात पर करीब 20 अरब अमेरिकी डॉलर के जवाबी शुल्क लगाए जाने के बाद आया है।
अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने कनाडाई उत्पादों को लंबे समय वाले बड़े अमेरिकी सरकारी ठेकों से बाहर करने का भी निर्देश दिया है। ट्रंप ने अमेरिकी जनरल सर्विसेज एडमिनिस्ट्रेशन से कहा है कि जब तक कनाडा अमेरिकी उत्पादों के लिए “पूर्ण और निष्पक्ष पारस्परिकता” सुनिश्चित नहीं करता, तब तक कनाडाई वस्तुओं को इन अनुबंधों के लिए अयोग्य माना जाए।
वहीं, कनाडा के प्रधानमंत्री मार्क कार्नी ने कहा है कि उनका देश अमेरिका पर अपनी निर्भरता कम करने की दिशा में तेजी से आगे बढ़ेगा। उन्होंने कहा कि कनाडा की रणनीति अधिक आत्मनिर्भर बनने की है, ताकि कोई देश उसे बंधक न बना सके और वह अपनी शर्तों पर आगे बढ़ सके।
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कनाडा यूरोपीय संघ के साथ भी व्यापारिक और आर्थिक संबंध मजबूत करने पर विचार कर रहा है। एक कनाडाई अधिकारी के अनुसार, इसमें मौजूदा समझौतों का विस्तार, नई संधि या अन्य सहयोग के रास्ते तलाशे जा सकते हैं।
कनाडा के 70 प्रतिशत से अधिक निर्यात अभी भी अमेरिका को जाते हैं। कार्नी ने माना कि व्यापारिक बदलावों से अल्पकालिक नुकसान होगा, लेकिन इससे निवेश, बुनियादी ढांचे और व्यापार में विविधता लाने की प्रक्रिया तेज होगी।
कार्नी ने अमेरिकी शुल्कों के जवाब में लगाए गए कनाडाई शुल्क का बचाव करते हुए कहा कि कनाडाई कंपनियों पर अमेरिकी शुल्क लागू रहते हुए अमेरिकी वस्तुओं को शुल्क-मुक्त प्रवेश की अनुमति नहीं दी जा सकती। उन्होंने कहा कि कनाडा टकराव बढ़ाना नहीं चाहता, लेकिन अपने श्रमिकों की सुरक्षा के लिए जवाबी कार्रवाई जरूरी थी। उनका आरोप है कि अमेरिका की मांगें कनाडा को आत्मनिर्भर बनाने के बजाय उस पर और अधिक निर्भर बनाने की कोशिश थीं।
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