पश्चिम एशिया में बढ़ते सैन्य संघर्ष के बीच अमेरिका ने अपने नागरिकों को इज़राइल सहित एक दर्जन से अधिक देशों को तुरंत छोड़ने की सलाह दी है। ईरान और इज़राइल के साथ अमेरिका की संयुक्त सैन्य कार्रवाई के बाद क्षेत्र में हालात बेहद तनावपूर्ण हो गए हैं।
अमेरिकी विदेश विभाग ने सुरक्षा जोखिमों को देखते हुए नागरिकों से उपलब्ध वाणिज्यिक उड़ानों के जरिए “तुरंत प्रस्थान” करने को कहा है। कांसुलर मामलों की सहायक विदेश मंत्री मोरा नामदार ने अमेरिकी नागरिकों को बिना देरी देश छोड़ने की अपील की।
जिन देशों के लिए यह परामर्श जारी किया गया है, उनमें बहरीन, मिस्र, ईरान, इराक, इज़राइल, वेस्ट बैंक और गाज़ा, जॉर्डन, कुवैत, लेबनान, ओमान, क़तर, सऊदी अरब, सीरिया, संयुक्त अरब अमीरात और यमन शामिल हैं।
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यह चेतावनी ऐसे समय आई है जब कई प्रमुख एयरलाइनों ने क्षेत्र के लिए उड़ानें रद्द कर दी हैं। अमेरिका और इज़राइल द्वारा ईरान पर हमले के बाद शुरू हुआ संघर्ष अब व्यापक क्षेत्रीय युद्ध का रूप लेता दिख रहा है।
राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने कहा कि सैन्य अभियान चार से पांच सप्ताह तक चल सकता है, हालांकि आवश्यकता पड़ने पर इसे और लंबा खींचा जा सकता है। उन्होंने कहा कि अमेरिका का उद्देश्य ईरान की मिसाइल क्षमताओं को नष्ट करना, उसकी नौसेना को कमजोर करना और उसे परमाणु हथियार हासिल करने से रोकना है।
संघर्ष के दौरान ईरान के सर्वोच्च नेता अयातुल्ला अली ख़ामेनेई की मौत की खबरों ने हालात को और गंभीर बना दिया है। दुबई जैसे सुरक्षित माने जाने वाले शहरों में भी हमलों की आशंका जताई गई है। तेल की कीमतों में उछाल और हवाई सेवाओं में बाधा से हजारों लोग फंसे हुए हैं।
स्थिति में फिलहाल किसी त्वरित शांति के संकेत नहीं दिख रहे हैं।
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