इस्लामाबाद में अमेरिका, ईरान और पाकिस्तान के बीच त्रिपक्षीय संघर्ष विराम वार्ता आधिकारिक रूप से शुरू हो गई। यह बैठक मध्य पूर्व में जारी तनाव और युद्ध जैसी स्थिति को कम करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कूटनीतिक कदम मानी जा रही है।
वार्ता शुरू होने से पहले ईरान के प्रतिनिधिमंडल ने अपनी रणनीति को अंतिम रूप देने के लिए एक अहम बैठक की। इससे यह स्पष्ट हुआ कि तेहरान इस बातचीत को कितनी गंभीरता से ले रहा है। ईरान की ओर से संसद अध्यक्ष मोहम्मद बागेर ग़ालीबाफ और विदेश मंत्री अब्बास अराघची वार्ता में शामिल हैं।
अमेरिका की ओर से उपराष्ट्रपति जेडी वेंस नेतृत्व कर रहे हैं, जिन्होंने बातचीत शुरू होने से पहले पाकिस्तान के प्रधानमंत्री शहबाज़ शरीफ से उच्च स्तरीय बैठक की। व्हाइट हाउस के अनुसार यह बैठक काफी महत्वपूर्ण मानी जा रही है।
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पाकिस्तान इस पूरे शांति प्रक्रिया में मध्यस्थ की भूमिका निभा रहा है और सभी पक्षों के बीच संवाद स्थापित करने में अहम योगदान दे रहा है। ईरानी और अमेरिकी प्रतिनिधिमंडलों की प्रधानमंत्री शहबाज़ शरीफ से अलग-अलग मुलाकातों ने इस बात को और मजबूत किया है।
इस बीच, क्षेत्रीय स्थिति अभी भी गंभीर बनी हुई है। लेबनान की आधिकारिक रिपोर्टों के अनुसार हालिया इजरायली हमलों में मरने वालों की संख्या बढ़कर 357 हो गई है। अधिकारियों ने चेतावनी दी है कि जैसे-जैसे राहत और खोज अभियान आगे बढ़ेंगे, मृतकों की संख्या और बढ़ सकती है।
इस वार्ता को पश्चिम एशिया में स्थायी शांति स्थापित करने की दिशा में एक अहम प्रयास माना जा रहा है, हालांकि इसमें कई राजनीतिक और सुरक्षा संबंधी चुनौतियां अभी भी बनी हुई हैं।
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