अमेरिका और ईरान के बीच चल रही कूटनीतिक बातचीत का दूसरा दौर सोमवार (20 अप्रैल) को पाकिस्तान में होने की संभावना जताई जा रही है। रिपोर्ट के अनुसार, दोनों देशों के प्रतिनिधिमंडल सप्ताहांत तक पाकिस्तान पहुंच सकते हैं, जिसके बाद सोमवार से वार्ता शुरू होगी। हालांकि, इस खबर की आधिकारिक पुष्टि न तो अमेरिका ने की है और न ही ईरान ने।
यह घटनाक्रम ऐसे समय सामने आया है जब अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने ईरान के साथ बातचीत को लेकर भरोसा जताया और दावा किया कि इस्लामिक गणराज्य ने अमेरिका की सभी शर्तों को मान लिया है। ट्रंप ने यह भी कहा कि इसमें ईरान के समृद्ध यूरेनियम भंडार को हटाकर अमेरिका लाना शामिल है। हालांकि, ईरानी अधिकारियों ने इस दावे को सिरे से खारिज कर दिया है।
फीनिक्स, एरिज़ोना में टर्निंग पॉइंट यूएसए कार्यक्रम के दौरान ट्रंप ने कहा कि अमेरिका और ईरान मिलकर बड़े खुदाई उपकरणों की मदद से परमाणु सामग्री निकालेंगे और उसे अमेरिका ले जाएंगे।
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इससे पहले, दोनों देशों के बीच पहली वार्ता पाकिस्तान की राजधानी इस्लामाबाद में हुई थी, जो लगातार 21 घंटे चली लेकिन किसी ठोस नतीजे पर नहीं पहुंच सकी। अमेरिकी प्रतिनिधिमंडल का नेतृत्व उपराष्ट्रपति जेडी वेंस कर रहे थे। उन्होंने कहा कि ईरान ने अपने परमाणु कार्यक्रम को लेकर वॉशिंगटन की मांगों को मानने से इनकार कर दिया, जिससे बातचीत विफल हो गई।
अमेरिका और इज़राइल लंबे समय से ईरान के परमाणु कार्यक्रम का विरोध करते रहे हैं। वहीं ईरान का कहना है कि उसका परमाणु कार्यक्रम केवल नागरिक उपयोग के लिए है। वार्ता विफल होने के बाद ट्रंप ने स्ट्रेट ऑफ होर्मुज़ पर नाकाबंदी की घोषणा की, जिसे ईरान ने संघर्षविराम समझौते का उल्लंघन बताया है।
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