अमेरिका और जापान ने क्षेत्रीय सुरक्षा चिंताओं के बीच रक्षा औद्योगिक सहयोग मजबूत करने की दिशा में एक बड़ा कदम उठाते हुए जापान में उन्नत मध्यम दूरी की हवा-से-हवा मार मिसाइलों (एएमआरएएएम) की अंतिम असेंबली और जांच के लिए एक सुविधा स्थापित करने पर सहमति जताई है। यह समझौता 'ऑपरेशन सुपरचार्ज' नामक संयुक्त रक्षा उत्पादन प्रयास का हिस्सा है। इस जानकारी की पुष्टि अमेरिकी प्रतिनिधि सभा की चीन संबंधी विशेष समिति ने गुरुवार को साझा किया।
समिति के अध्यक्ष और अमेरिकी प्रतिनिधि सभा सदस्य जॉन मूलेनार ने इस समझौते का स्वागत करते हुए कहा कि अमेरिका और प्रशांत क्षेत्र में उसके सहयोगियों तथा साझेदारों को क्षेत्र में शांति सुनिश्चित करने तथा नौवहन की स्वतंत्रता और कानून के शासन की रक्षा के लिए रक्षा सहयोग को गहरा करना होगा। मूलेनार ने कहा कि चीनी कम्युनिस्ट पार्टी के अपने पड़ोसी देशों के प्रति आक्रामक रवैये को गंभीरता से लेना आवश्यक है और इस समझौते को अंतिम रूप देने में अमेरिकी रक्षा सचिव पीट हेगसेथ और ट्रंप प्रशासन की महत्वपूर्ण भूमिका रही है। उन्होंने यह भी कहा कि महत्वपूर्ण आपूर्ति श्रृंखलाओं को सुरक्षित करना और रक्षा औद्योगिक आधार का पुनर्निर्माण करना इसलिए जरूरी है ताकि अमेरिका और उसके सहयोगियों के पास चीनी कम्युनिस्ट पार्टी की कथित आक्रामकता का मुकाबला करने के लिए आवश्यक संसाधन उपलब्ध रहें।
रिपोर्ट के अनुसार, जापान के रक्षा मंत्री शिंजिरो कोइज़ुमी और अमेरिकी रक्षा सचिव पीट हेगसेथ ने रक्षा औद्योगिक सहयोग बढ़ाने पर भी सहमति जताई, जिसमें एसएम-3 ब्लॉक टू-ए मिसाइलों का उत्पादन बढ़ाने की योजना शामिल है। दोनों रक्षा प्रमुखों ने यह घोषणा फिलीपींस के सेबू द्वीप पर आयोजित आसियान रक्षा प्रमुखों के शिखर सम्मेलन के इतर बुधवार को अपनी बैठक के दौरान की। यह मिसाइल उत्पादन समझौता ऐसे समय हुआ है जब ईरान के खिलाफ चल रहे युद्ध के बीच अमेरिका के मिसाइल भंडार में उल्लेखनीय कमी देखी गई है। जापान के विश्लेषकों ने एसएम-3 इंटरसेप्टर के भंडार में भी गिरावट की ओर इशारा किया है।
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हेगसेथ ने एक अन्य बयान में अमेरिका-जापान गठबंधन को "अपरिहार्य" बताया। दोनों रक्षा प्रमुखों ने जापान से बोर्नियो तक फैली प्रथम द्वीप श्रृंखला में प्रभावी निरोधक रक्षा लागू करने के लिए बढ़े हुए रक्षा निवेश और रणनीतिक तालमेल के महत्व को रेखांकित किया। हेगसेथ ने कहा कि इस चर्चा का केंद्र "शक्ति के माध्यम से शांति" की साझा दृष्टि को आगे बढ़ाना था।
यह बैठक अमेरिका और जापान द्वारा जापान के ओकिनावा प्रान्त के निकट दक्षिण-पश्चिमी द्वीपों पर केंद्रित बड़े पैमाने के संयुक्त सैन्य अभ्यास 'कीन स्वॉर्ड' के समापन से कुछ समय पहले हुई। दोनों पक्षों ने अतिरिक्त लाइव-फायर अभ्यासों सहित अधिक उन्नत और यथार्थवादी संयुक्त प्रशिक्षण अभ्यासों पर तेजी से आगे बढ़ने पर सहमति जताई। यह घटनाक्रम ताइवान के आसपास और क्षेत्र में चीन की बढ़ती सैन्य गतिविधियों के बीच सामने आया है, जिस पर बीजिंग अपना दावा करता है।
जापान के रक्षा मंत्रालय के अनुसार, कोइज़ुमी और हेगसेथ ने पड़ोसी देशों की सैन्य क्षमताओं की गुणवत्ता और मात्रा में विस्तार तथा उनकी तीव्र होती सैन्य गतिविधियों को ध्यान में रखते हुए सभी आकस्मिक स्थितियों से निपटने के लिए घनिष्ठ समन्वय पर सहमति जताई। दोनों रक्षा प्रमुखों ने जापान में लाखों लोगों को प्रभावित करने वाली साइबर घटनाओं और डेटा उल्लंघनों की श्रृंखला के मद्देनजर साइबर हमलों को रोकने में सहयोग पर भी चर्चा की। जापान के रक्षा मंत्रालय ने कहा कि दोनों पक्ष व्यक्तिगत जानकारी के बड़े पैमाने पर लीक होने सहित दुर्भावनापूर्ण साइबर गतिविधियों को नागरिकों के जीवन, आर्थिक गतिविधियों और दोनों देशों की सुरक्षा को गंभीर रूप से प्रभावित करने से रोकने के लिए सहयोग और समन्वय मजबूत करने पर सहमत हुए हैं।
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