शिवसेना (यूबीटी) में जारी बगावत के बीच पार्टी नेता आदित्य ठाकरे ने बागी सांसदों पर तीखा हमला बोला है। उन्होंने बागी सांसदों को "बेशर्म, एहसान फरामोश और भ्रष्ट" बताते हुए आरोप लगाया कि वे उन्हीं लोगों के साथ विश्वासघात कर रहे हैं, जिनकी बदौलत उन्होंने 2024 का लोकसभा चुनाव जीता था।
उन्होंने आगे कहा कि बागी सांसदों ने केवल खुद को ही नहीं बेचा, बल्कि अपनी प्रतिष्ठा, अपना नाम और अपने परिवार की साख भी दांव पर लगा दी है। आदित्य ने कहा कि महाराष्ट्र ऐसी गंदी राजनीति को कभी स्वीकार नहीं करेगा और अंधेरे में रोशनी लाने का काम उनकी पार्टी की "मशाल" करेगी।
दूसरी ओर, सत्तारूढ़ शिवसेना के नेताओं ने इस संकट के लिए उद्धव ठाकरे के नेतृत्व को जिम्मेदार ठहराया। शिवसेना नेता और महाराष्ट्र सरकार में मंत्री संजय शिरसाट ने कहा कि यूबीटी सांसदों में पिछले एक वर्ष से असंतोष था, जिसे पार्टी नेतृत्व ने नजरअंदाज किया।
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इस बीच "ऑपरेशन टाइगर" की चर्चा भी तेज हो गई है। यह शब्द उन कथित प्रयासों के लिए इस्तेमाल किया जा रहा है जिनके तहत एकनाथ शिंदे के नेतृत्व वाली शिवसेना, ठाकरे गुट के सांसदों को अपने पाले में लाने की कोशिश कर रही है। हालांकि शिरसाट ने इससे किसी भी तरह के संबंध से इनकार किया है।
गौरतलब है कि यूबीटी के नौ में से छह सांसद हाल ही में संसदीय दल की बैठक से अनुपस्थित रहे। रिपोर्टों के अनुसार, इन सांसदों ने शिंदे गुट में विलय के समर्थन में पत्र पर हस्ताक्षर कर लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला को सौंप दिया है।
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