पंजाब के ममदोट कस्बे में आम आदमी पार्टी (आप) के नेता गुरप्रीत सिंह गोपी की गोली मारकर हत्या कर दी गई। पुलिस के अनुसार, हथियारबंद हमलावरों ने बाइक से जा रहे गोपी और उनके साथी का कार से पीछा किया और उन पर गोलियां चला दीं।
वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक भूपिंदर सिंह सिद्धू ने बताया कि गुरप्रीत सिंह गोपी अपने साथी हरप्रीत के साथ मोटरसाइकिल पर सवार होकर जा रहे थे। इसी दौरान कार में सवार हमलावरों ने उनका पीछा किया और अचानक फायरिंग शुरू कर दी। गोली लगने से गोपी की मौत हो गई।
पुलिस के मुताबिक, हमले के पीछे दोनों पक्षों के बीच लंबे समय से चला आ रहा विवाद बताया जा रहा है। जांच में चुनाव से जुड़ा विवाद भी एक महत्वपूर्ण पहलू के तौर पर सामने आया है। पुलिस अब इस विवाद की पृष्ठभूमि और हमले के वास्तविक कारणों की जांच कर रही है।
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दोस्तों की कार पर भी हुई फायरिंग
पुलिस ने बताया कि गोपी और हरप्रीत जिस बाइक पर सवार थे, उनके पीछे उनके कुछ दोस्त अलग कार में आ रहे थे। आरोप है कि हमलावरों ने उस कार को भी निशाना बनाकर गोलियां चलाईं। जांच अधिकारी अब यह पता लगाने की कोशिश कर रहे हैं कि घटनाक्रम किस क्रम में हुआ और हमलावरों ने किस वजह से दोनों वाहनों को निशाना बनाया।
एसएसपी भूपिंदर सिंह सिद्धू ने कहा कि दोनों पक्षों के बीच पुराना विवाद था। उन्होंने बताया कि हमलावरों की पहचान कर ली गई है और उनकी गिरफ्तारी के लिए कई पुलिस टीमें गठित की गई हैं। पुलिस का दावा है कि मुख्य आरोपी का आपराधिक रिकॉर्ड है और वह पहले भी गैरकानूनी गतिविधियों में शामिल रहा है।
पुलिस की अलग-अलग टीमें कई स्थानों पर छापेमारी कर रही हैं। अधिकारियों का कहना है कि आरोपियों को जल्द गिरफ्तार करने के प्रयास जारी हैं।
इस हत्या के बाद पंजाब में कानून-व्यवस्था को लेकर एक बार फिर सवाल उठने लगे हैं। वहीं, चुनावी विवाद को हमले से जोड़कर देखे जाने के कारण मामला राजनीतिक रूप से भी चर्चा में आ सकता है।
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