आम आदमी पार्टी (AAP) में बड़े राजनीतिक घटनाक्रम के बीच पार्टी के राष्ट्रीय संयोजक अरविंद केजरीवाल ने पहली प्रतिक्रिया दी है। यह प्रतिक्रिया तब आई जब पार्टी के 10 में से 7 राज्यसभा सांसदों ने भारतीय जनता पार्टी (BJP) में शामिल होने की घोषणा कर दी।
केजरीवाल ने कहा कि “बीजेपी ने एक बार फिर पंजाबियों के साथ विश्वासघात किया है।” उनका यह बयान उस समय आया जब तीन सांसदों राघव चड्ढा, संदीप पाठक और अशोक मित्तल ने पार्टी में विभाजन की घोषणा करते हुए कहा कि राज्यसभा में AAP के दो-तिहाई सांसद बीजेपी में विलय का निर्णय ले चुके हैं।
एक साक्षात्कार में राघव चड्ढा ने कहा कि संविधान के प्रावधानों के तहत वे और उनके साथ मौजूद अन्य सांसद बीजेपी में विलय करेंगे। उन्होंने दावा किया कि राज्यसभा में मौजूद 10 AAP सांसदों में से 2/3 से अधिक इस निर्णय के पक्ष में हैं और उन्होंने आवश्यक दस्तावेज राज्यसभा सभापति को सौंप दिए हैं।
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चड्ढा ने बताया कि उनके अलावा हरभजन सिंह, राजिंदर गुप्ता, विक्रमजीत सिंह साहनी और स्वाति मालीवाल सहित कई अन्य सांसद भी इस फैसले का हिस्सा हैं। उन्होंने यह भी कहा कि पार्टी अब अपने मूल सिद्धांतों से भटक चुकी है और व्यक्तिगत लाभ के लिए काम कर रही है।
इस घटनाक्रम के कुछ दिनों पहले ही राघव चड्ढा को राज्यसभा में उपनेता के पद से हटा दिया गया था। इसके बाद पार्टी के भीतर उनके खिलाफ आलोचना तेज हो गई थी और उन पर बीजेपी के प्रति नरम रुख अपनाने के आरोप लगे थे।
चड्ढा ने इन आरोपों को खारिज करते हुए इसे एक “सुनियोजित हमला” बताया और कहा कि उनके खिलाफ लगाए गए सभी आरोप निराधार हैं।
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