आम आदमी पार्टी (AAP) को शुक्रवार को बड़ा झटका लगा, जब उसके कई राज्यसभा सांसदों ने पार्टी से इस्तीफा दे दिया। इस घटनाक्रम ने पार्टी के भीतर गहरे संकट और बगावत की स्थिति को उजागर कर दिया है।
राघव चड्ढा, संदीप पाठक और अशोक मित्तल सहित कई वरिष्ठ नेताओं ने संयुक्त कॉन्फ्रेंस में पार्टी छोड़ने की घोषणा की। संदीप पाठक ने साफ तौर पर कहा कि वह भारतीय जनता पार्टी (BJP) में शामिल होने जा रहे हैं। वहीं, राघव चड्ढा ने दावा किया कि आम आदमी पार्टी के राज्यसभा में कुल 10 सांसदों में से 7 ने पार्टी छोड़ने का फैसला किया है और वे एक समूह के रूप में बीजेपी में शामिल होंगे।
चड्ढा ने यह भी कहा कि पार्टी के भीतर लंबे समय से असंतोष चल रहा था, जिसके कारण यह बड़ा कदम उठाना पड़ा। उन्होंने यह भी संकेत दिया कि स्वाति मालीवाल और हरभजन सिंह जैसे कुछ अन्य नेता भी पार्टी से अलग हो चुके हैं।
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इस घटनाक्रम पर प्रतिक्रिया देते हुए पंजाब के मुख्यमंत्री भगवंत मान ने आरोप लगाया कि बीजेपी पंजाब और वहां की राजनीति को अस्थिर करने की कोशिश कर रही है। उन्होंने कहा कि जो भी पंजाब के हित में होता है, उसे बीजेपी द्वारा कमजोर करने की कोशिश की जाती है।
वहीं, आम आदमी पार्टी के संयोजक अरविंद केजरीवाल ने इस पूरे घटनाक्रम को राजनीतिक साजिश करार दिया। उन्होंने कहा कि यह लोकतंत्र के खिलाफ है और जनता के जनादेश का अपमान है। केजरीवाल ने दावा किया कि बीजेपी विपक्षी दलों को तोड़ने का काम कर रही है।
राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि इस घटनाक्रम का असर आने वाले चुनावों पर पड़ सकता है। पार्टी के भीतर इस तरह की टूट से संगठनात्मक मजबूती पर सवाल उठने लगे हैं।
हालांकि, बीजेपी की ओर से अभी तक इस पर कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया सामने नहीं आई है। लेकिन अगर यह दावा सही साबित होता है, तो यह आम आदमी पार्टी के लिए बड़ा झटका साबित हो सकता है।
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