महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने कहा है कि राज्य सरकार ‘अवैध बांग्लादेशियों’ की पहचान के लिए भारतीय प्रौद्योगिकी संस्थान (आईआईटी)-बॉम्बे के सहयोग से एक आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (एआई) आधारित टूल विकसित कर रही है। मंगलवार (13 जनवरी, 2026) को मुख्यमंत्री के आधिकारिक निवास ‘वर्षा’ में चुनिंदा पत्रकारों से बातचीत के दौरान उन्होंने इसे एक गंभीर मुद्दा बताते हुए कहा कि इस दिशा में बड़े पैमाने पर अभियान चलाया जा रहा है।
फडणवीस ने बताया कि फिलहाल इस एआई टूल पर काम जारी है और इसकी सफलता दर अभी लगभग 60 प्रतिशत तक पहुंच चुकी है। उन्होंने कहा कि मुंबई से ‘अवैध बांग्लादेशियों’ को हटाने के लिए राज्य सरकार ने विशेष अभियान शुरू किया है, जो चुनावों के बाद भी जारी रहेगा।
आगामी नगर निगम चुनावों पर बात करते हुए मुख्यमंत्री ने दावा किया कि भाजपा के नेतृत्व वाली महायुति 15 जनवरी, 2026 को होने वाले चुनावों में 29 में से 26–27 नगर निगमों में जीत दर्ज करेगी। उन्होंने कहा कि इन चुनावों का असर 2029 के विधानसभा चुनावों पर भी पड़ेगा और भाजपा एक मजबूत राजनीतिक धुरी के रूप में उभरेगी।
और पढ़ें: मुंबई को गुजरात के हवाले किया जा रहा है: बीएमसी चुनाव से पहले राज–उद्धव ठाकरे ने क्यों छेड़ी पुरानी दरार
राज ठाकरे और उद्धव ठाकरे के गठबंधन पर टिप्पणी करते हुए फडणवीस ने कहा कि इस गठबंधन में राज ठाकरे सबसे बड़े नुकसान में रहेंगे। उनके अनुसार, राज ठाकरे को इस साथ से कोई लाभ नहीं होगा, बल्कि इसका फायदा उद्धव ठाकरे को मिलेगा।
मराठी वोट बैंक को लेकर उन्होंने कहा कि यह कभी एकजुट नहीं रहा है और भाजपा के पास पहले से ही मराठी मतदाताओं का समर्थन है। मुंबई मेयर के मुद्दे पर उन्होंने स्पष्ट किया कि महायुति का मेयर हिंदू और मराठी होगा।
स्थानीय निकाय चुनावों में अजीब राजनीतिक समीकरणों पर प्रतिक्रिया देते हुए फडणवीस ने कहा कि व्यक्तिगत हमलों से बचने का निर्णय लिया गया था, हालांकि कुछ जगहों पर इसका उल्लंघन हुआ।
और पढ़ें: मैं विकास का विरोधी नहीं, अडानी समूह के बढ़ते एकाधिकार के खिलाफ हूं: राज ठाकरे