तमिलनाडु की राजनीति में अभिनेता से नेता बने विजय को लेकर विवाद बढ़ता जा रहा है। अखिल भारतीय अन्ना द्रविड़ मुनेत्र कज़गम (अन्नाद्रमुक) के नेता अनबालगन ने विजय की राजनीतिक महत्वाकांक्षाओं पर सवाल उठाए हैं। उन्होंने स्पष्ट कहा कि केवल फिल्मी लोकप्रियता के आधार पर सरकार बनाने का दावा नहीं किया जा सकता।
अनबालगन ने कहा कि किसी भी व्यक्ति के लिए सरकार चलाने हेतु आवश्यक बुनियादी राजनीतिक और प्रशासनिक योग्यता होना जरूरी है। उन्होंने कहा कि सिनेमा में लोकप्रिय होना राजनीतिक नेतृत्व का विकल्प नहीं हो सकता।
अनबालगन ने अभिनेता विजय की पार्टी तमिलगा वेट्री कज़गम (टीवीके) को लेकर भी टिप्पणी की और कहा कि लोकतंत्र में जनता का जनादेश सर्वोपरि होता है, लेकिन शासन चलाने के लिए अनुभव और समझ भी उतनी ही जरूरी है।
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उन्होंने यह भी कहा कि राजनीति केवल लोकप्रियता का खेल नहीं है, बल्कि इसमें नीति निर्माण, प्रशासनिक निर्णय और जनता के प्रति जवाबदेही शामिल होती है। अनबालगन के अनुसार, बिना अनुभव के कोई भी व्यक्ति प्रभावी सरकार नहीं चला सकता।
उनका यह बयान ऐसे समय में आया है जब तमिलनाडु में हाल ही में हुए विधानसभा चुनाव के बाद राजनीतिक समीकरण तेजी से बदल रहे हैं और टीवीके के उभार ने पारंपरिक दलों को नई चुनौती दी है।
राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि विजय की बढ़ती लोकप्रियता ने राज्य की राजनीति में हलचल पैदा कर दी है, लेकिन उनके नेतृत्व कौशल को लेकर अभी भी सवाल बने हुए हैं।
इस बयान के बाद तमिलनाडु की राजनीति में नई बहस शुरू हो गई है, जहां एक ओर समर्थक विजय को बदलाव का चेहरा बता रहे हैं, वहीं विपक्षी दल उनके अनुभव पर सवाल उठा रहे हैं।
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