अंतरराष्ट्रीय शैक्षणिक सहयोग को बढ़ावा देने और भारतीय छात्रों के लिए वैश्विक शोध अवसर उपलब्ध कराने की दिशा में बड़ा कदम उठाते हुए अखिल भारतीय तकनीकी शिक्षा परिषद (एआईसीटीई) ने बुधवार को एआईसीटीई-मिटैक्स ग्लोबलिंक रिसर्च इंटर्नशिप 2027 के लिए आवेदन प्रक्रिया शुरू कर दी है।
इस कार्यक्रम के तहत भारत के 300 प्रतिभाशाली छात्रों को कनाडा में पूरी तरह वित्त पोषित शोध इंटर्नशिप करने का अवसर मिलेगा। यह पहल छात्रों को अंतरराष्ट्रीय स्तर के शोध संस्थानों और विश्वविद्यालयों के साथ काम करने का मौका प्रदान करेगी।
मिटैक्स ग्लोबलिंक रिसर्च इंटर्नशिप कनाडा का एक प्रतिष्ठित कार्यक्रम है, जिसके माध्यम से दुनिया भर के स्नातक और स्नातकोत्तर छात्रों को कनाडाई विश्वविद्यालयों में अत्याधुनिक शोध परियोजनाओं से जुड़ने का अवसर मिलता है।
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एआईसीटीई ने बताया कि इस पहल का उद्देश्य भारतीय छात्रों की शोध क्षमता को मजबूत करना, वैश्विक अनुभव प्रदान करना और भारत-कनाडा के बीच शैक्षणिक संबंधों को और बेहतर बनाना है।
इस इंटर्नशिप के दौरान चयनित छात्रों को कनाडा के प्रमुख विश्वविद्यालयों और शोध संस्थानों में वैज्ञानिकों तथा विशेषज्ञों के मार्गदर्शन में काम करने का अवसर मिलेगा। कार्यक्रम विज्ञान, प्रौद्योगिकी, इंजीनियरिंग, गणित सहित कई शोध क्षेत्रों में छात्रों को अनुभव प्रदान करेगा।
पूरी तरह वित्त पोषित इस अवसर में छात्रों के यात्रा खर्च, आवास और अन्य आवश्यक सुविधाओं का प्रावधान किया जाएगा, जिससे प्रतिभाशाली छात्र आर्थिक बाधाओं के बिना अंतरराष्ट्रीय शोध अनुभव हासिल कर सकेंगे।
एआईसीटीई ने तकनीकी शिक्षा संस्थानों से अपील की है कि वे योग्य छात्रों को इस अवसर के लिए आवेदन करने के लिए प्रोत्साहित करें। परिषद ने कहा कि ऐसे वैश्विक कार्यक्रम भारतीय युवाओं को नई तकनीकों, शोध पद्धतियों और अंतरराष्ट्रीय कार्य संस्कृति से परिचित कराने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं।
मिटैक्स ग्लोबलिंक कार्यक्रम के माध्यम से चयनित छात्रों को न केवल शोध का अनुभव मिलेगा, बल्कि उन्हें कनाडा के अकादमिक समुदाय के साथ नेटवर्क बनाने और भविष्य के करियर अवसरों को मजबूत करने का मौका भी मिलेगा।
एआईसीटीई का मानना है कि इस तरह की पहल भारत के उच्च शिक्षा क्षेत्र को वैश्विक स्तर पर प्रतिस्पर्धी बनाने और युवाओं में नवाचार एवं अनुसंधान की भावना को बढ़ावा देने में मदद करेगी।
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