समाजवादी पार्टी के अध्यक्ष अखिलेश यादव ने गठबंधन में सीट बंटवारे को लेकर चल रही चर्चाओं के बीच एकजुटता पर जोर दिया है। उन्होंने कहा कि गठबंधन के लिए सबसे महत्वपूर्ण यह नहीं है कि कौन कितनी सीटों पर चुनाव लड़ेगा, बल्कि लक्ष्य सामूहिक रूप से जीत हासिल करना होना चाहिए।
अखिलेश यादव ने कहा कि जब उद्देश्य स्पष्ट होता है तो एकता मजबूत होती है और मंजिल सामने हो तो सफर आसान हो जाता है। उन्होंने कहा कि गठबंधन में शामिल दलों को सीटों की संख्या या किसी विशेष सीट को लेकर मतभेदों से ऊपर उठकर साझा लक्ष्य पर ध्यान देना चाहिए।
सपा प्रमुख ने स्पष्ट शब्दों में कहा, “बात सीट की नहीं, जीत की है।” उन्होंने कहा कि यह जीत किसी एक दल की नहीं होगी, बल्कि गठबंधन में शामिल सभी दलों और उनके सामूहिक संघर्ष की जीत होगी।
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अखिलेश यादव ने अपने संदेश में सांप्रदायिकता के खिलाफ एकजुट संघर्ष की बात भी कही। उन्होंने कहा कि गठबंधन का प्रयास ऐसा होना चाहिए कि सांप्रदायिकता दोबारा सिर न उठा सके। इसके साथ ही उन्होंने लोकतंत्र, संविधान और आरक्षण की रक्षा को भी साझा उद्देश्य बताया।
उन्होंने देश में सामाजिक सौहार्द को मजबूत करने की जरूरत पर जोर देते हुए कहा कि सामूहिक प्रयासों से देश में फिर से भाईचारा और सद्भाव का माहौल कायम होना चाहिए। उन्होंने देश की तरक्की और खुशहाली को भी इस साझा संघर्ष का महत्वपूर्ण लक्ष्य बताया।
अखिलेश यादव ने अपने संदेश का समापन “जय संविधान-जय हिंदुस्तान” के नारे के साथ किया। उनका संदेश गठबंधन की एकता को प्राथमिकता देने और व्यक्तिगत दलों के सीट संबंधी हितों के बजाय साझा चुनावी लक्ष्य पर ध्यान केंद्रित करने पर रहा।
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