अल-कायदा से जुड़े समर्थकों ने फ्लाईदुबई की उस घटना की कथित तौर पर तारीफ की है, जिसमें दुबई से तेल अवीव जा रही फ्लाइट एफजेड1073 में कथित तौर पर विमान पर कब्जे की कोशिश हुई थी। संगठन से जुड़े एक प्रकाशन में अमेरिका और इजरायल के विमानों को निशाना बनाकर इसी तरह के हमले करने की अपील की गई है।
रिपोर्ट के मुताबिक, यह अपील अल-बयान नामक साप्ताहिक प्रकाशन के नवीनतम अंक में सामने आई। यह प्रकाशन जुलाई में अल-कायदा समर्थकों ने शुरू किया था। रिपोर्ट के अनुसार, सामग्री को शनिवार को अल-कायदा से जुड़े टेलीग्राम चैनलों पर प्रसारित किया गया था, लेकिन बाद में इसे हटा दिया गया।
रिपोर्ट में बताया गया कि लेख में 11 सितंबर 2001 के आतंकी हमलों और 30 सितंबर को फ्लाईदुबई फ्लाइट एफजेड1073 में हुई घटना का जिक्र किया गया। विमान में 170 से अधिक यात्री और चालक दल के सदस्य सवार थे, जिनमें अधिकांश इजरायली नागरिक थे।
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अरबी भाषा में प्रकाशित इस लेख में कथित तौर पर अमेरिकी और इजरायली नागरिकों को ले जाने वाले विमानों को निशाना बनाने की अपील की गई। प्रकाशन में 11 सितंबर के हमलों में वर्ल्ड ट्रेड सेंटर से टकराते विमान की तस्वीर और फ्लाईदुबई घटना से जुड़ी तस्वीर भी प्रकाशित की गई थी।
फ्लाईदुबई विमान में क्या हुआ था?
फ्लाइट एफजेड1073 दुबई से तेल अवीव जा रही थी। घटना के दौरान सह-पायलट हमाम अल-हम्मामी पर कॉकपिट में रखी आपातकालीन कुल्हाड़ी से कैप्टन स्मित मच्छार पर हमला करने का आरोप है। विमान में 174 लोग सवार थे।
हमले के बाद विमान ने आपातकालीन संदेश भेजा और करीब 34,000 फीट से तेजी से नीचे उतरते हुए 17,000 फीट से अधिक की ऊंचाई तक पहुंच गया। घायल कैप्टन स्मित मच्छार ने कॉकपिट का दरवाजा खोलने में सफलता हासिल की। इसके बाद यात्रियों ने कथित हमलावर को काबू कर लिया।
विमान में मौजूद दो रिजर्व पायलटों ने कॉकपिट की जिम्मेदारी संभाली। विमान को सऊदी अरब के तबुक स्थित प्रिंस सुल्तान बिन अब्दुलअजीज हवाईअड्डे पर सुरक्षित उतारा गया, जहां हमाम अल-हम्मामी को हिरासत में ले लिया गया।
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