उत्तराखंड के अल्मोड़ा के युवा नवप्रवर्तक रवि टम्टा ने इलेक्ट्रिक उड़ने वाली गाड़ी का सफल परीक्षण कर नई तकनीक के क्षेत्र में अपनी पहचान बनाई है। बढ़ते हवाई किरायों के बीच टम्टा का उद्देश्य लोगों को व्यक्तिगत हवाई परिवहन का एक वैकल्पिक साधन उपलब्ध कराना है। उन्होंने एक सीट वाले इस इलेक्ट्रिक वाहन को विकसित किया है, जिसका नाम हैपिडा स्काईनेक्स रखा गया है।
टम्टा ने इस वाहन को तैयार करने में करीब एक वर्ष का समय लगाया। प्रशासन की निगरानी और पर्याप्त सुरक्षा व्यवस्था के बीच अल्मोड़ा के खुले मैदान में इसका परीक्षण किया गया। टम्टा ने परीक्षण को सफल बताया। परीक्षण के बाद इसका वीडियो सामाजिक माध्यमों पर तेजी से प्रसारित हुआ और कई लोगों ने इसके वीडियो साझा किए।
यह वाहन संशोधित ड्रोन तकनीक पर आधारित है और इसे एक यात्री को सुरक्षित तरीके से हवा में ले जाने के उद्देश्य से तैयार किया गया है। टम्टा ने कहा कि यह भविष्य में व्यक्तिगत हवाई परिवहन को बढ़ावा देने के लिए विकसित किया गया है। उन्होंने कहा कि समय के साथ परिवहन के साधनों में बैलगाड़ी से ट्रक, रेल और फिर विमान तक बदलाव हुआ है, लेकिन मौजूदा विमान महंगे हैं और हर जगह आसानी से उपलब्ध नहीं हैं।
और पढ़ें: भारत की इलेक्ट्रिक फ्लाइंग कार का सपना हुआ साकार, उत्तराखंड के रवि तम्ता ने किया पहला सफल परीक्षण
टम्टा के अनुसार, उनका उद्देश्य ऐसा विकल्प तैयार करना है, जिससे लोग चिकित्सा आपातकाल या अन्य जरूरतों में अपने घर से हवाई यात्रा कर सकें। उन्होंने कहा कि वह व्यक्तिगत हवाई परिवहन को भविष्य का हिस्सा बनाना चाहते हैं।
टम्टा ने बताया कि मौजूदा वाहन एक प्रारूप है और इसकी क्षमता को आगे बढ़ाया जा सकता है। उन्होंने कहा कि चार्जिंग अवधि बढ़ाकर इसकी उपयोगिता में सुधार किया जा सकता है। उन्होंने अपने परिवार के सहयोग के लिए भी आभार जताया और बताया कि उन्होंने इससे पहले भी कई परियोजनाओं पर काम किया है।
वाहन के संचालन की अनुमति को लेकर टम्टा भारतीय नागर विमानन महानिदेशालय और सरकार के संपर्क में हैं। उन्होंने कहा कि संबंधित अधिकारी इस दिशा में काम शुरू कर चुके हैं।
उत्तराखंड के मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने भी रवि टम्टा को सफल उड़ान परीक्षण के लिए बधाई दी। उन्होंने कहा कि ड्रोन तकनीक में नवाचार के जरिए विकसित हैपिडा स्काईनेक्स का सफल परीक्षण युवाओं में प्रतिभा, नवाचार और वैज्ञानिक सोच की मौजूदगी को दर्शाता है।
और पढ़ें: प्रयागराज में राहुल गांधी ने छात्रों से कहा- नफरत नहीं, प्यार और स्नेह से व्यवस्था बदलें