श्री अमरनाथ यात्रा 2026 ने एक नया इतिहास रच दिया है। 57 दिनों तक चलने वाली इस पवित्र यात्रा के शुरुआती 12 दिनों में ही 3 लाख से अधिक श्रद्धालुओं ने बाबा बर्फानी के दर्शन कर लिए हैं। श्रद्धालुओं की बढ़ती संख्या ने पिछले कई वर्षों के रिकॉर्ड को पीछे छोड़ दिया है।
इस साल यात्रा के दौरान एक खास बात यह रही कि पवित्र गुफा में बनने वाला हिम शिवलिंग यात्रा शुरू होने के कुछ दिनों बाद ही पिघल गया था। इसके बावजूद श्रद्धालुओं की आस्था और उत्साह में कोई कमी नहीं आई। आंकड़ों के अनुसार, शुरुआती 12 दिनों में श्रद्धालुओं की संख्या पिछले साल की तुलना में करीब 37 प्रतिशत अधिक रही है।
उपराज्यपाल मनोज सिन्हा ने की सराहना
जम्मू-कश्मीर के उपराज्यपाल मनोज सिन्हा ने अमरनाथ यात्रा को सफल बनाने में योगदान देने वाले अधिकारियों, सेवा प्रदाताओं और स्वयंसेवकों की सराहना की। उन्होंने कहा कि सभी के समर्पण और मेहनत के कारण श्रद्धालुओं को सुरक्षित और सुगम यात्रा का अनुभव मिल रहा है।
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सुरक्षा और व्यवस्थाओं से बढ़ा विश्वास
श्रद्धालुओं की बड़ी संख्या को देखते हुए श्री अमरनाथ श्राइन बोर्ड की ओर से विशेष इंतजाम किए गए हैं। यात्रा मार्गों, सुरक्षा व्यवस्था और आधारभूत सुविधाओं को मजबूत किया गया है। श्रद्धालुओं का मानना है कि बाबा बर्फानी की पवित्र गुफा की धार्मिक मान्यता और आध्यात्मिक महत्व हिम शिवलिंग की स्थिति से प्रभावित नहीं होता।
इस वर्ष मई 2026 में हिम शिवलिंग करीब 7 फीट ऊंचा था, लेकिन यात्रा शुरू होने के शुरुआती पांच दिनों में ही वह पिघल गया। इसके बावजूद श्रीनगर यात्रा ट्रांजिट कैंप, बालटाल और नुमवान बेस कैंप पर हर दिन हजारों श्रद्धालु पहुंच रहे हैं।
14वां जत्था जम्मू से रवाना
अमरनाथ यात्रा का 14वां जत्था जम्मू के भगवती नगर यात्री निवास से रवाना हुआ। इसमें 6,251 श्रद्धालु शामिल थे। इनमें से 2,985 श्रद्धालु बालटाल मार्ग और 3,266 श्रद्धालु पहलगाम मार्ग से आगे बढ़े।
अधिकारियों के अनुसार जत्थे में पुरुष, महिलाएं, बच्चे, साधु-साध्वियां और विदेशी श्रद्धालु भी शामिल थे। अब तक यात्रा के लिए 4 लाख से अधिक अग्रिम पंजीकरण हो चुके हैं।
अमरनाथ यात्रा 2026 का समापन 28 अगस्त को रक्षाबंधन के दिन होगा। प्रशासन और श्राइन बोर्ड लगातार यात्रा को सुरक्षित और सफल बनाने में जुटे हुए हैं।
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