केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने रविवार को पश्चिम बंगाल की राजधानी कोलकाता में अमूल बंगाल डेयरी परियोजना के तहत दुनिया के सबसे बड़े दही उत्पादन संयंत्र की आधारशिला रखी। इस अवसर पर उन्होंने कहा कि यह परियोजना राज्य के डेयरी क्षेत्र, किसानों और औद्योगिक विकास के लिए एक महत्वपूर्ण मील का पत्थर साबित होगी।
भूमि पूजन कार्यक्रम के दौरान अमित शाह ने कहा कि यह अत्याधुनिक संयंत्र न केवल पश्चिम बंगाल में दुग्ध उत्पादन और प्रसंस्करण को नई दिशा देगा, बल्कि हजारों किसानों और डेयरी उत्पादकों की आय बढ़ाने में भी मदद करेगा। उन्होंने कहा कि इस परियोजना से राज्य में रोजगार के नए अवसर पैदा होंगे और डेयरी उद्योग को आधुनिक तकनीक का लाभ मिलेगा।
अमित शाह ने अपने संबोधन में ‘सोनार बांग्ला’ के निर्माण का भी उल्लेख किया। उन्होंने कहा कि केंद्र सरकार पश्चिम बंगाल के सर्वांगीण विकास के लिए प्रतिबद्ध है और राज्य में उद्योग, कृषि तथा आधारभूत ढांचे को मजबूत करने के लिए लगातार प्रयास कर रही है। उन्होंने विश्वास जताया कि यह परियोजना पश्चिम बंगाल को डेयरी उत्पादन के क्षेत्र में नई पहचान दिलाएगी।
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अमूल बंगाल डेयरी परियोजना के तहत बनने वाला यह संयंत्र दुनिया का सबसे बड़ा दही उत्पादन केंद्र माना जा रहा है। यहां अत्याधुनिक मशीनों और आधुनिक तकनीक की मदद से बड़े पैमाने पर दही और अन्य डेयरी उत्पादों का निर्माण किया जाएगा।
कार्यक्रम में डेयरी क्षेत्र से जुड़े प्रतिनिधियों, किसानों, उद्योग जगत के सदस्यों और विभिन्न जनप्रतिनिधियों ने भी भाग लिया। वक्ताओं ने कहा कि इस परियोजना से स्थानीय दुग्ध उत्पादकों को अपने उत्पादों का बेहतर मूल्य मिलेगा और राज्य की अर्थव्यवस्था को मजबूती मिलेगी।
सरकार का मानना है कि इस संयंत्र के शुरू होने के बाद पश्चिम बंगाल में डेयरी उद्योग को नई गति मिलेगी। साथ ही, यह परियोजना राज्य को देश के प्रमुख डेयरी उत्पादन केंद्रों में शामिल करने की दिशा में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगी।
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