आंध्र प्रदेश में शहरी स्थानीय निकायों (यूएलबी) ने वित्तीय वर्ष 2026–27 की शुरुआत मजबूत प्रदर्शन के साथ की है। निकायों ने अप्रैल महीने में ही संपत्ति कर के रूप में ₹948.15 करोड़ की वसूली की, जो कुल वार्षिक मांग ₹2,683.50 करोड़ का लगभग 35.34 प्रतिशत है।
आवास और शहरी विकास विभाग (एमएएंडयूडी) के प्रमुख सचिव सुरेश कुमार ने बताया कि बेहतर मूल्यांकन कवरेज और नगर निगम कर आधार के विस्तार के कारण यह उल्लेखनीय प्रगति संभव हो पाई है।
उन्होंने कहा कि वित्तीय वर्ष की शुरुआत में ही इतनी बड़ी वसूली से यह स्पष्ट होता है कि कर संग्रह प्रणाली को और अधिक प्रभावी बनाया गया है।
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अधिकारियों के अनुसार, बकाया राशि और जुर्माने सहित कुल संग्रह ₹1,010.79 करोड़ तक पहुंच गया है। यह पिछले वर्ष इसी अवधि में हुई ₹814.12 करोड़ की वसूली की तुलना में 24.16 प्रतिशत अधिक है।
शहरी निकायों ने कर संग्रह बढ़ाने के लिए डिजिटल भुगतान प्रणाली, जागरूकता अभियान और करदाताओं को समय पर भुगतान के लिए प्रोत्साहन जैसी कई पहलें शुरू की हैं।
सरकार का मानना है कि बेहतर कर संग्रह से नगर निकायों की वित्तीय स्थिति मजबूत होगी और शहरी विकास परियोजनाओं को गति मिलेगी।
सुरेश कुमार ने कहा कि संपत्ति कर स्थानीय निकायों की आय का प्रमुख स्रोत है और इसके प्रभावी संग्रह से शहरों में बुनियादी ढांचे और सेवाओं में सुधार संभव होगा।
यह उपलब्धि राज्य के शहरी प्रशासन में सुधार और वित्तीय अनुशासन की दिशा में एक सकारात्मक संकेत मानी जा रही है।
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