असम के कोकराझार जिले में हुई भीड़ हिंसा के बाद हालात को काबू में रखने के लिए सेना को संवेदनशील इलाकों में तैनात किया गया है। अधिकारियों ने बुधवार (21 जनवरी 2026) को बताया कि इस हिंसा में दो लोगों की मौत हो चुकी है और आगजनी व झड़पों की घटनाएं सामने आई हैं, जिनमें कथित तौर पर बोडो और आदिवासी समुदाय आमने-सामने आ गए।
रक्षा प्रवक्ता के अनुसार, सेना के जवानों ने मंगलवार (21 जनवरी 2026) की रात कोकराझार के करिगांव और आसपास के इलाकों में जिला प्रशासन के साथ संयुक्त रूप से गश्त की। इसके अलावा, लोगों में भरोसा कायम करने के लिए बुधवार को सेना द्वारा फ्लैग मार्च भी किया जाएगा। फिलहाल जिले में सेना की कुल चार टुकड़ियां तैनात हैं।
अधिकारियों ने कहा कि स्थिति अब नियंत्रण में है और कोकराझार के साथ-साथ पड़ोसी चिरांग जिले में भी कड़ी सुरक्षा व्यवस्था लागू की गई है। इससे पहले मुख्यमंत्री हिमंत बिस्वा सरमा ने कहा था कि आवश्यकता पड़ने पर सेना की तैनाती की पूरी तैयारी है, जबकि रैपिड एक्शन फोर्स (आरएएफ) पहले से ही मौके पर मौजूद है।
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गृह विभाग के एक अधिकारी के अनुसार, सोमवार (19 जनवरी 2026) की रात करिगांव आउटपोस्ट के अंतर्गत मानसिंह रोड पर तीन बोडो लोगों को ले जा रही एक गाड़ी ने दो आदिवासी व्यक्तियों को टक्कर मार दी थी। इसके बाद आसपास के आदिवासी ग्रामीणों ने तीनों बोडो लोगों की कथित तौर पर पिटाई की और वाहन को आग के हवाले कर दिया। इस घटना में एक व्यक्ति की मौके पर ही मौत हो गई, जबकि दूसरा घायल मंगलवार (20 जनवरी 2026) को दम तोड़ बैठा। तीन अन्य घायलों का अस्पताल में इलाज चल रहा है।
मंगलवार को हालात और बिगड़ गए, जब बोडो और आदिवासी समुदायों के लोगों ने करिगांव आउटपोस्ट के पास राष्ट्रीय राजमार्ग को जाम कर दिया, टायर जलाए, एक सरकारी कार्यालय में आग लगा दी और पुलिस चौकी पर हमला किया। पुलिस ने प्रदर्शनकारियों को तितर-बितर करने के लिए लाठीचार्ज किया और आंसू गैस के गोले दागे, जिसमें कई लोग, जिनमें कुछ पुलिसकर्मी भी शामिल हैं, घायल हो गए।
स्थिति बिगड़ने के बाद जिला प्रशासन ने करिगांव हाई स्कूल और ग्वाजनपुरी अमनपारा हाई स्कूल में दो राहत शिविर स्थापित किए हैं, क्योंकि करिगांव के कई ग्रामीण हमलों के डर से अपने घर छोड़कर भाग गए। कोकराझार जिले में भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता, 2023 की धारा 163 के तहत निषेधाज्ञा लागू कर दी गई है। साथ ही, एहतियातन कोकराझार और चिरांग जिलों में इंटरनेट और मोबाइल डेटा सेवाएं भी निलंबित कर दी गई हैं।
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