असम के मुख्यमंत्री हिमंत बिस्वा सरमा ने बांग्लादेश में अल्पसंख्यक हिंदू समुदाय पर बढ़ते हमलों को लेकर गहरी चिंता व्यक्त की है। उन्होंने कहा कि पड़ोसी देश में हिंदुओं के खिलाफ हो रही हिंसा और उत्पीड़न की घटनाएं न केवल मानवाधिकारों का उल्लंघन है, बल्कि पूरे क्षेत्र की शांति और स्थिरता के लिए भी गंभीर चुनौती है। मुख्यमंत्री ने इस बात पर जोर दिया कि बांग्लादेश में रह रहे हिंदुओं को नैतिक समर्थन दिया जाना चाहिए और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर इस मुद्दे को गंभीरता से उठाया जाना आवश्यक है।
हिमंत बिस्वा सरमा ने कहा कि बांग्लादेश में बिगड़ती स्थिति और बीते दस वर्षों में असम में बढ़ती जिहादी गतिविधियों के प्रमाण, क्षेत्रीय सुरक्षा के लिए खतरे की ओर इशारा करते हैं। उन्होंने चेतावनी दी कि यदि समय रहते इन घटनाओं पर ध्यान नहीं दिया गया, तो इसके दूरगामी परिणाम हो सकते हैं। मुख्यमंत्री के अनुसार, असम और पूर्वोत्तर भारत की सुरक्षा बांग्लादेश में हो रहे घटनाक्रमों से सीधे तौर पर जुड़ी हुई है।
मुख्यमंत्री ने यह भी कहा कि भारत हमेशा से अपने पड़ोसी देशों में अल्पसंख्यकों की सुरक्षा और अधिकारों के पक्ष में खड़ा रहा है। उन्होंने केंद्र सरकार और अंतरराष्ट्रीय समुदाय से आग्रह किया कि बांग्लादेश सरकार पर दबाव बनाया जाए ताकि वहां अल्पसंख्यक हिंदुओं की सुरक्षा सुनिश्चित की जा सके। साथ ही, उन्होंने कहा कि धार्मिक आधार पर किसी भी समुदाय को निशाना बनाना अस्वीकार्य है।
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असम सरकार, मुख्यमंत्री के अनुसार, राज्य की आंतरिक सुरक्षा को लेकर पूरी तरह सतर्क है और किसी भी तरह की कट्टरपंथी गतिविधियों पर कड़ी नजर रखी जा रही है। उन्होंने यह स्पष्ट किया कि राज्य सरकार शांति, सद्भाव और कानून-व्यवस्था बनाए रखने के लिए प्रतिबद्ध है।
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