असम के मुख्यमंत्री हिमंत बिस्वा सरमा ने कहा है कि राज्य में “डिटेक्ट और डिपोर्ट” नीति को पूरी तरह और सख्ती से लागू किया जा रहा है। यह बयान उस घटना के बाद आया है जब पुलिस और सुरक्षा बलों ने एक बांग्लादेशी नागरिक को पकड़कर उसे वापस भेज दिया।
मुख्यमंत्री हिमंत बिस्वा सरमा ने बताया कि पकड़े गए बांग्लादेशी नागरिक को शुक्रवार को सीमा सुरक्षा बलों (बीएसएफ) और संबंधित एजेंसियों के सहयोग से बॉर्डर गार्ड बांग्लादेश को सौंप दिया गया।
उन्होंने कहा कि राज्य सरकार अवैध घुसपैठ और सीमापार गतिविधियों पर लगातार कड़ी नजर रख रही है और ऐसे मामलों में तुरंत कार्रवाई की जा रही है। मुख्यमंत्री ने स्पष्ट किया कि असम में कानून व्यवस्था और सीमा सुरक्षा को मजबूत करना सरकार की प्राथमिकता है।
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सुरक्षा एजेंसियों के अनुसार, यह कार्रवाई खुफिया जानकारी के आधार पर की गई थी, जिसमें संदिग्ध व्यक्ति की पहचान की पुष्टि के बाद उसे हिरासत में लिया गया। आवश्यक कानूनी प्रक्रिया पूरी करने के बाद उसे सीमा पार वापस भेज दिया गया।
असम सरकार का कहना है कि “डिटेक्ट, डिलीट और डिपोर्ट” नीति का उद्देश्य राज्य में अवैध रूप से रह रहे लोगों की पहचान कर उन्हें वापस उनके देश भेजना है। इस नीति के तहत लगातार अभियान चलाए जा रहे हैं।
मुख्यमंत्री ने यह भी कहा कि राज्य में सुरक्षा व्यवस्था को और मजबूत किया जाएगा ताकि किसी भी प्रकार की अवैध घुसपैठ को रोका जा सके। उन्होंने सुरक्षा बलों की कार्रवाई की सराहना की और कहा कि यह कदम राज्य की सुरक्षा के लिए महत्वपूर्ण है।
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