असम राइफल्स के महानिदेशक (डीजी) लेफ्टिनेंट जनरल विकास लखेरा ने मणिपुर स्थित काकचिंग गैरिसन का दौरा कर क्षेत्र की परिचालन तैयारियों और मौजूदा सुरक्षा व्यवस्था का आकलन किया। अधिकारियों के अनुसार, यह दौरा 28 अक्टूबर को हुआ।
इस दौरे में असम राइफल्स (दक्षिण) के महानिरीक्षक (आईजी) मेजर जनरल गौरव शर्मा भी डीजी के साथ मौजूद रहे। डीजी असम राइफल्स ने बलों की परिचालन तैयारियों की समीक्षा करते हुए जवानों के उच्च मनोबल, व्यावसायिकता और शांति एवं सुरक्षा बनाए रखने के प्रति उनके अटूट समर्पण की सराहना की।
परिचालन सतर्कता के साथ-साथ युवा सशक्तिकरण पर ज़ोर देते हुए लेफ्टिनेंट जनरल लखेरा ने गैरिसन में स्थित 'दक्षता धाम' हॉस्पिटैलिटी स्किल सेंटर का भी दौरा किया। असम राइफल्स ने सोशल मीडिया मंच पर एक पोस्ट में बताया कि लेफ्टिनेंट जनरल विकास लखेरा, एवीएसएम, एसएम, डीजी असम राइफल्स ने मेजर जनरल गौरव शर्मा, एससी, एसएम, आईजी एआर (दक्षिण) के साथ 28 अक्टूबर को काकचिंग गैरिसन, मणिपुर का दौरा कर परिचालन तैयारियों की समीक्षा की। डीजी असम राइफल्स ने जवानों के समर्पण की सराहना करते हुए 'दक्षता धाम' हॉस्पिटैलिटी स्किल सेंटर का दौरा किया और 25 कमी शेफ प्रशिक्षुओं से बातचीत कर सुनिश्चित रोजगार के ज़रिए युवा सशक्तिकरण को प्रोत्साहित किया।
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इस दौरे के दौरान डीजी ने 25 कमी शेफ प्रशिक्षुओं से बातचीत की और उन्हें अपने कौशल को निखारने तथा पेशेवर अवसरों का लाभ उठाने के लिए प्रोत्साहित किया। इस पहल का उद्देश्य स्थानीय युवाओं को उद्योग-प्रासंगिक प्रशिक्षण देकर उन्हें सशक्त बनाना है, जो सुनिश्चित रोजगार से जुड़ा है।
इससे पहले 25 अक्टूबर को मणिपुर के मुख्यमंत्री युमनाम खेमचंद सिंह ने कांगपोकपी जिले के खोंगबाल कुकी गांव स्थित साइनाई कैंप का दौरा किया था, जिसे संयुक्त सुरक्षा बलों ने उस समय अपने नियंत्रण में लिया था जब 17 लोगों को ऑपरेशन समाप्ति (एसओओ) समझौते के तहत पंजीकृत कैडरों की झूठी पहचान अपनाने के आरोप में गिरफ्तार किया गया था। दौरे के दौरान मुख्यमंत्री ने सुरक्षाकर्मियों से बातचीत की और उनके कार्य की सराहना की। इस अवसर पर विधायक थोकचोम राधेश्याम सिंह भी मुख्यमंत्री के साथ मौजूद थे।
मणिपुर पुलिस के अनुसार, असम राइफल्स, मणिपुर पुलिस, सीआरपीएफ, कोबरा और अन्य सुरक्षा बलों से जुड़ा एक संयुक्त अभियान साइनाई कैंप में चलाया गया था, जो कुकी नेशनल ऑर्गनाइजेशन (केएनओ)/कुकी नेशनल आर्मी (केएनए) और केएनओ/कुकी लिबरेशन आर्मी (केएलए) का निर्दिष्ट एसओओ कैंप है। सुरक्षा बलों ने कैंप को घेरकर छापा मारा और उसे अपने नियंत्रण में लिया। सत्यापन के लिए कुल 18 लोगों को हिरासत में लिया गया था।
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