2026 के विधानसभा चुनावों ने भारत की राजनीति में बड़ा बदलाव ला दिया है। पश्चिम बंगाल, असम, तमिलनाडु, केरल और पुडुचेरी में हुए चुनाव परिणामों ने पारंपरिक राजनीतिक समीकरणों को हिला दिया है और नए शक्ति केंद्रों को उभरने का मौका दिया है।
सबसे बड़ा उलटफेर पश्चिम बंगाल में देखने को मिला, जहां भारतीय जनता पार्टी (बीजेपी) ने 200 से अधिक सीटों पर बढ़त बनाकर पहली बार सरकार बनाने की स्थिति में पहुंच गई है। इस जीत के साथ ममता बनर्जी के 15 साल पुराने शासन का अंत हो गया। चुनाव आयोग के अनुसार, बीजेपी 294 में से 208 सीटों पर आगे रही, जबकि तृणमूल कांग्रेस 79 सीटों पर सिमट गई।
असम में बीजेपी के नेतृत्व वाले राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन (एनडीए) ने अपनी सत्ता बरकरार रखी है। मुख्यमंत्री हिमंता बिस्वा सरमा ने लगातार दूसरी बार जीत हासिल की। 126 में से 102 सीटों पर बढ़त के साथ एनडीए को विकास और सुरक्षा के मुद्दों पर जनता का समर्थन मिला है।
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तमिलनाडु में अभिनेता से नेता बने थलापति विजय की पार्टी तमिलगा वेट्टी कज़गम (टीवीके) ने 108 सीटों पर बढ़त बनाकर डीएमके और एआईएडीएमके के दशकों पुराने प्रभुत्व को तोड़ दिया है। मुख्यमंत्री एमके स्टालिन को कोलाथुर सीट पर वीएस बाबू से हार का सामना करना पड़ा, जो इस चुनाव का बड़ा झटका माना जा रहा है।
केरल में यूनाइटेड डेमोक्रेटिक फ्रंट (यूडीएफ) बढ़त में है, जबकि वाम सरकार पिछड़ती दिख रही है। वहीं बीजेपी ने पहली बार एक सीट जीतकर इतिहास रच दिया है।
पुडुचेरी में एनडीए ने 30 सदस्यीय विधानसभा में 18 सीटें जीतकर स्पष्ट बहुमत हासिल किया है और फिर से सरकार बनाने जा रही है।
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