कोलकाता सहित पश्चिम बंगाल में विधानसभा चुनाव 2026 के नतीजों से पहले राजनीतिक तनाव चरम पर पहुंच गया है। राज्य के तीन जिलों में मतदान के बाद हिंसा की घटनाएं सामने आई हैं, जिसके बाद पुलिस ने जांच शुरू कर दी है।
टीएमसी ने ईवीएम स्ट्रॉन्ग रूम में कथित छेड़छाड़ के आरोप लगाए हैं और एक वायरल वीडियो का हवाला देते हुए गंभीर सवाल उठाए हैं। मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने इस मुद्दे पर सक्रिय रुख अपनाते हुए कोलकाता के दक्षिणी हिस्से में स्थित भबानीपुर के काउंटिंग सेंटर का दौरा किया और स्थिति की समीक्षा की।
रात के समय काउंटिंग सेंटर के बाहर टीएमसी और बीजेपी कार्यकर्ताओं के बीच तीखी नोकझोंक और टकराव की स्थिति भी देखने को मिली। दोनों दलों ने एक-दूसरे पर मतदान प्रक्रिया को प्रभावित करने के आरोप लगाए हैं, जिससे माहौल और अधिक तनावपूर्ण हो गया है।
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टीएमसी का दावा है कि मतदान समाप्त होने के बाद कुछ स्थानों पर बैलेट बॉक्स बिना अधिकृत प्रतिनिधियों की मौजूदगी में खोले गए, जिसे लेकर पार्टी ने चुनाव प्रक्रिया की पारदर्शिता पर सवाल खड़े किए हैं। हालांकि चुनाव आयोग ने इन सभी आरोपों को सिरे से खारिज करते हुए कहा है कि प्रक्रिया पूरी तरह नियमों के अनुसार की गई है।
उधर, तमिलनाडु में मुख्यमंत्री एम. के. स्टालिन ने चुनाव परिणाम को लेकर सकारात्मक उम्मीद जताई है। उन्होंने मजदूर दिवस के महत्व पर भी प्रकाश डालते हुए कहा कि श्रमिकों के अधिकारों और उचित वेतन की सुरक्षा आवश्यक है।
उन्होंने यह भी कहा कि मजदूर दिवस की शुरुआत भारत में चेन्नई से हुई थी और यह श्रमिक सम्मान का प्रतीक है।
फिलहाल पश्चिम बंगाल में सुरक्षा व्यवस्था कड़ी कर दी गई है और पुलिस हालात पर लगातार नजर बनाए हुए है। चुनाव परिणाम से पहले राजनीतिक माहौल बेहद गरम बना हुआ है।
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