पश्चिम बंगाल में विधानसभा चुनावों के बीच राज्य के पुलिस महानिदेशक (DGP) और महानिरीक्षक (IGP) सिद्ध नाथ गुप्ता को केंद्र सरकार ने बड़ा राहत देते हुए छह महीने का सेवा विस्तार दिया है। यह निर्णय ऐसे समय में लिया गया है जब राज्य में चुनावी प्रक्रिया जारी है और कानून-व्यवस्था बनाए रखना बेहद अहम माना जा रहा है।
जारी आधिकारिक आदेश के अनुसार, मंत्रिमंडल की नियुक्ति समिति ने गृह मंत्रालय के प्रस्ताव को मंजूरी देते हुए गुप्ता के कार्यकाल को 30 अप्रैल 2026 के बाद भी छह महीने तक बढ़ाने का निर्णय लिया है। यह विस्तार सार्वजनिक हित को ध्यान में रखते हुए नियमों में छूट देकर दिया गया है।
सिद्ध नाथ गुप्ता, 1992 बैच के आईपीएस अधिकारी हैं और उन्हें हाल ही में 16 मार्च को चुनाव आयोग द्वारा पश्चिम बंगाल का डीजीपी नियुक्त किया गया था। यह नियुक्ति तत्कालीन डीजीपी पीयूष पांडे को हटाए जाने के एक दिन बाद की गई थी। चुनाव आयोग ने यह फैसला राज्य में चुनावी तैयारियों की समीक्षा के बाद लिया था।
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गौरतलब है कि पश्चिम बंगाल में विधानसभा चुनाव दो चरणों में हो रहे हैं। पहले चरण का मतदान 23 अप्रैल को संपन्न हो चुका है, जबकि दूसरे और अंतिम चरण का मतदान 29 अप्रैल को होना है। मतगणना 4 मई को की जाएगी।
ऐसे संवेदनशील समय में डीजीपी को सेवा विस्तार देना प्रशासनिक स्थिरता और सुरक्षा व्यवस्था को मजबूत करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है। इससे चुनाव के दौरान किसी भी अप्रिय घटना को रोकने और निष्पक्ष मतदान सुनिश्चित करने में मदद मिलने की उम्मीद है।
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