पश्चिम बंगाल के मुख्यमंत्री सुवेंदु अधिकारी ने आरजी Kar मेडिकल कॉलेज एवं अस्पताल में वर्ष 2024 में हुई डॉक्टर की दुष्कर्म और हत्या की घटना की नए सिरे से जांच कराने का ऐलान किया है। यह मामला पूरे देश में व्यापक आक्रोश और विरोध प्रदर्शनों का कारण बना था।
मुख्यमंत्री सुवेंदु अधिकारी ने रविवार, 9 अगस्त को बताया कि यह फैसला मृतका की मां रत्ना देबनाथ के अनुरोध के बाद लिया गया है। उन्होंने कहा कि रत्ना देबनाथ ने उनसे मामले की दोबारा जांच कराने की मांग की थी। मुख्य सचिव और विशेषज्ञों के साथ विस्तृत चर्चा के बाद विशेष आयोग अधिनियम, 1952 के तहत नई जांच शुरू करने का निर्णय लिया गया है।
सुवेंदु अधिकारी ने आरोप लगाया कि इस मामले में पुलिस ने अपनी जिम्मेदारियों का सही तरीके से निर्वहन नहीं किया। उन्होंने मृतका के अंतिम संस्कार के दौरान कथित लापरवाही की अलग से जांच कराने का भी आदेश दिया है। साथ ही दोषी पाए जाने वाले लोगों के खिलाफ तत्काल कार्रवाई के निर्देश दिए गए हैं।
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आरजी Kar मेडिकल कॉलेज में 9 अगस्त 2024 को 31 वर्षीय महिला स्नातकोत्तर प्रशिक्षु डॉक्टर का शव अस्पताल परिसर के सेमिनार कक्ष में मिला था। उसके साथ दुष्कर्म और हत्या का आरोप सामने आने के बाद देशभर में विरोध प्रदर्शन हुए थे। मामले में सबूतों से छेड़छाड़ और आरोपियों को बचाने की कोशिश के भी आरोप लगाए गए थे।
कलकत्ता उच्च न्यायालय के निर्देश के बाद जांच केंद्रीय अन्वेषण ब्यूरो को सौंप दी गई थी। सीबीआई ने मुख्य आरोपी संजय रॉय समेत कई लोगों को गिरफ्तार किया। बाद में संजय रॉय को मामले में दोषी ठहराया गया।
अब राज्य सरकार की ओर से नई जांच की घोषणा ने इस चर्चित मामले को एक बार फिर सुर्खियों में ला दिया है। मुख्यमंत्री ने कहा कि नई जांच का उद्देश्य मामले से जुड़े सभी पहलुओं और कथित लापरवाहियों की सच्चाई सामने लाना है।
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