भोजपुरी फिल्म जगत के लोकप्रिय अभिनेता और गायक रितेश पांडे ने सोमवार (12 जनवरी 2026) को प्रशांत किशोर की जन सुराज पार्टी से इस्तीफा दे दिया। यह फैसला उन्होंने पार्टी में शामिल होने और चुनावी राजनीति में असफल पदार्पण के महज दो महीने बाद लिया है।
रितेश पांडे ने कहा कि वह उस “काम” को जारी नहीं रख पा रहे हैं, जिसके जरिए उन्हें जनता से “बेहद प्यार और स्नेह” मिला है। उन्होंने यह भी उल्लेख किया कि वे एक साधारण किसान परिवार से आते हैं और जनता के साथ उनका जुड़ाव उनके पेशेवर कार्यों के कारण बना है, जिसे राजनीतिक दल की सदस्यता के साथ निभाना संभव नहीं है।
रितेश पांडे ने बिहार विधानसभा चुनाव में कैमूर जिले की कारगहर सीट से चुनाव लड़ा था। यह सीट जन सुराज पार्टी के संस्थापक प्रशांत किशोर द्वारा चुनी गई दो प्रमुख सीटों में से एक थी। दूसरी सीट राजद नेता तेजस्वी यादव का गढ़ राघोपुर थी, जहां से प्रशांत किशोर स्वयं चुनाव लड़ना चाहते थे। हालांकि, 47 वर्षीय पूर्व चुनावी रणनीतिकार प्रशांत किशोर ने चुनाव नहीं लड़ा और संगठन व अभियान पर ध्यान देने की बात कही।
और पढ़ें: बजट से पहले कांग्रेस ने उठाए वित्तीय संघवाद और असमानता के मुद्दे
जुलाई 2025 में जन सुराज पार्टी में शामिल हुए रितेश पांडे चुनाव में चौथे स्थान पर रहे और उनकी जमानत जब्त हो गई। इसके बावजूद, उन्होंने अपने राजनीतिक करियर के आगे न बढ़ पाने पर किसी भी तरह का अफसोस जताने से इनकार किया।
इस बीच, जन सुराज पार्टी को एक और झटका लगने की अटकलें तब तेज हो गईं जब वरिष्ठ नेता आरसीपी सिंह के बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार के साथ फिर से नजदीकियों की खबरें सामने आईं। पटना में आयोजित एक कार्यक्रम में आरसीपी सिंह के बयान ने जद(यू) में संभावित वापसी को लेकर राजनीतिक हलकों में चर्चाएं तेज कर दी हैं।
और पढ़ें: पूर्व उपराष्ट्रपति जगदीप धनखड़ बेहोशी के दो दौर के बाद एम्स में भर्ती