मध्य प्रदेश की राजधानी भोपाल में शिक्षक भर्ती के अभ्यर्थियों का प्रदर्शन सोमवार को चौथे दिन भी जारी रहा। सैकड़ों अभ्यर्थी नीलम पार्क में जुटे हैं और माध्यमिक तथा प्राथमिक शिक्षक भर्ती 2025 के तहत पदों की संख्या बढ़ाने की मांग कर रहे हैं। प्रदर्शनकारी राज्य के सरकारी स्कूलों की स्थिति को लेकर भी सवाल उठा रहे हैं।
प्रदर्शन का आयोजन स्कूल बचाओ संघर्ष समिति मध्य प्रदेश की ओर से किया जा रहा है। अभ्यर्थियों की प्रमुख मांग है कि मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव की सरकार 2025 की भर्ती प्रक्रिया में द्वितीय और तृतीय श्रेणी के शिक्षकों के रिक्त पदों की संख्या बढ़ाए।
प्रदर्शनकारी नरेंद्र राजपूत ने दावा किया कि अभ्यर्थी पिछले नौ महीनों से भर्ती पदों की संख्या बढ़ाने की मांग कर रहे हैं। उन्होंने कहा कि सरकार को बड़ी संख्या में रिक्तियों के बावजूद कम पदों पर भर्ती के नोटिफिकेशन जारी नहीं करने चाहिए।
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अभ्यर्थियों का दावा है कि करीब 8,721 पद रिक्त हैं, लेकिन भर्ती केवल 2,901 पदों पर की गई है। इससे बड़ी संख्या में अभ्यर्थियों को रोजगार का अवसर नहीं मिल पाया है। महिला प्रदर्शनकारियों ने कहा कि उन्हें सरकार की ओर से मिलने वाली 1,500 रुपये की मासिक आर्थिक सहायता नहीं, बल्कि रोजगार चाहिए।
प्रदर्शनकारियों ने राज्य में बड़ी संख्या में सरकारी स्कूलों के बंद होने का भी दावा किया है। उनका कहना है कि शिक्षा व्यवस्था को मजबूत करने के लिए पर्याप्त शिक्षकों की नियुक्ति जरूरी है।
एक प्रदर्शनकारी ने कहा कि तृतीय श्रेणी के करीब 25 हजार पद खाली हैं। वहीं, द्वितीय श्रेणी शिक्षक भर्ती में प्रत्येक विषय के लिए 3,000 पद किए जाने की मांग की जा रही है। प्रदर्शनकारियों ने इसे रक्षाबंधन पर सरकार से मिलने वाला ‘राखी उपहार’ बताया है।
अभ्यर्थियों ने चेतावनी दी है कि मांगें पूरी नहीं होने पर आंदोलन को और तेज किया जाएगा। प्रदर्शन को देखते हुए नीलम पार्क और आसपास पुलिस बल की तैनाती बढ़ा दी गई है। फिलहाल मध्य प्रदेश सरकार की ओर से आंदोलन को लेकर कोई आधिकारिक बयान सामने नहीं आया है।
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