कांग्रेस के वरिष्ठ नेता और छत्तीसगढ़ के पूर्व मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने एलपीजी, पेट्रोल और डीजल की बढ़ती कीमतों को लेकर केंद्र सरकार पर निशाना साधा है। उन्होंने सोमवार को कहा कि ईंधन की लगातार बढ़ती कीमतों का असर आम जनता के साथ-साथ कई महत्वपूर्ण आर्थिक क्षेत्रों पर भी पड़ रहा है।
भूपेश बघेल ने कहा कि रसोई गैस (एलपीजी) की कीमतों में वृद्धि और इसकी उपलब्धता में कमी से होटल और रेस्तरां उद्योग बुरी तरह प्रभावित हो रहा है। उन्होंने आरोप लगाया कि छोटे और मध्यम स्तर के कारोबारी बढ़ती लागत के कारण गंभीर आर्थिक दबाव का सामना कर रहे हैं।
कांग्रेस नेता ने कहा कि पेट्रोल और डीजल की बढ़ती कीमतों का असर केवल परिवहन क्षेत्र तक सीमित नहीं है, बल्कि कृषि और निर्माण क्षेत्र भी इससे प्रभावित हो रहे हैं। किसानों को खेती के लिए अधिक खर्च उठाना पड़ रहा है, जबकि निर्माण कार्यों की लागत भी लगातार बढ़ रही है।
और पढ़ें: असम की ऊर्जा आत्मनिर्भरता और शहरीकरण को केंद्र का पूरा सहयोग मिलेगा: मनोहर लाल खट्टर
भूपेश बघेल ने कहा कि परिवहन लागत बढ़ने से आवश्यक वस्तुओं की कीमतों पर भी असर पड़ रहा है, जिसका सीधा बोझ आम लोगों पर पड़ता है। उन्होंने चेतावनी देते हुए कहा कि वर्तमान स्थिति आगे और गंभीर हो सकती है।
उन्होंने कहा, “यह तो सिर्फ शुरुआत है।” उनके अनुसार यदि ईंधन की कीमतों पर नियंत्रण नहीं किया गया तो महंगाई और बढ़ सकती है, जिससे आम जनता की परेशानियां और बढ़ेंगी।
कांग्रेस लगातार महंगाई और ईंधन की कीमतों को लेकर केंद्र सरकार को घेरती रही है। पार्टी का कहना है कि बढ़ती कीमतों से लोगों की क्रय शक्ति प्रभावित हो रही है और घरेलू बजट पर अतिरिक्त दबाव पड़ रहा है।
हालांकि, केंद्र सरकार का कहना है कि वैश्विक बाजार की परिस्थितियों और अंतरराष्ट्रीय तेल कीमतों का असर घरेलू कीमतों पर पड़ता है। इसके बावजूद विपक्षी दल लगातार राहत उपायों की मांग कर रहे हैं।
और पढ़ें: मध्य प्रदेश में समान नागरिक संहिता लागू करने की दिशा में बढ़ी सरकार, जनता से मांगे गए सुझाव: मोहन यादव