बिहार की राजनीति में शनिवार शाम (2 मई 2026) को उस समय हलचल तेज हो गई जब मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने दिल्ली रवाना होने से ठीक पहले अपने पूर्ववर्ती और जेडीयू अध्यक्ष नीतीश कुमार से मुलाकात की। यह मुलाकात लगभग आधे घंटे तक उनके नए सरकारी आवास पर चली।
इस बैठक के बाद राजनीतिक गलियारों में अटकलों का दौर शुरू हो गया है कि राज्य में जल्द ही कैबिनेट विस्तार किया जा सकता है। माना जा रहा है कि यह मुलाकात सिर्फ औपचारिक नहीं थी, बल्कि इसके पीछे आगामी राजनीतिक समीकरणों और मंत्रिमंडल विस्तार से जुड़े महत्वपूर्ण संकेत भी छिपे हो सकते हैं।
सूत्रों के अनुसार, बिहार कैबिनेट का विस्तार 6 मई को हो सकता है। यह तारीख इसलिए भी अहम मानी जा रही है क्योंकि 4 मई को चार राज्यों के विधानसभा चुनावों के परिणाम घोषित होने हैं, जिसके बाद राजनीतिक गतिविधियां और तेज होने की संभावना है।
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राजनीतिक विशेषज्ञों का मानना है कि सम्राट चौधरी और नीतीश कुमार की यह मुलाकात बिहार की सत्ता-समीकरणों को लेकर रणनीतिक चर्चा का हिस्सा हो सकती है। कैबिनेट विस्तार में नए चेहरों को जगह दिए जाने की संभावना भी जताई जा रही है, जिससे गठबंधन की मजबूती और प्रशासनिक संतुलन को साधने की कोशिश की जाएगी।
हालांकि, अभी तक किसी भी पक्ष की ओर से इस मुलाकात या कैबिनेट विस्तार को लेकर आधिकारिक बयान जारी नहीं किया गया है, लेकिन राजनीतिक हलकों में इसे एक बड़े घटनाक्रम के संकेत के रूप में देखा जा रहा है।
बिहार की मौजूदा राजनीतिक स्थिति को देखते हुए यह मुलाकात आने वाले दिनों में महत्वपूर्ण फैसलों की भूमिका तय कर सकती है।
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