बिहार विधान परिषद चुनाव में जनता दल यूनाइटेड (जेडीयू) के नेता नीरज कुमार ने पटना स्नातक निर्वाचन क्षेत्र से लगातार चौथी जीत दर्ज की। शुरुआती खबरों के अनुसार, औपचारिक नतीजे की घोषणा का इंतजार था, लेकिन नीरज कुमार ने अपनी जीत का भरोसा जताया। उनकी बढ़त की खबर मिलते ही मोकामा में समर्थकों ने जश्न मनाना शुरू कर दिया।
यह नतीजा मोकामा विधायक अनंत सिंह के लिए बड़ा झटका माना जा रहा है। अनंत सिंह ने कुछ सप्ताह पहले जेडीयू से दूरी बनाते हुए चुनाव में जन सुराज समर्थित उम्मीदवार अनुज कुमार का समर्थन किया था। इससे यह मुकाबला प्रतिष्ठा की लड़ाई बन गया था।
नीरज कुमार की बढ़त की खबर सामने आने के बाद मोकामा के थाना चौक पर समर्थक जुटे। उन्होंने मिठाइयां बांटीं और पटाखे फोड़कर खुशी जाहिर की। नीरज कुमार ने अपनी सफलता का श्रेय पार्टी कार्यकर्ताओं की मेहनत को दिया। उन्होंने मुख्यमंत्री नीतीश कुमार और निशांत कुमार का भी आभार जताया।
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नीरज कुमार ने कहा कि वह एक गरीब परिवार से आते हैं और उनके पास न तो धनबल है और न ही बाहुबल। उनकी असली ताकत पार्टी कार्यकर्ताओं का समर्थन है। विरोधियों पर तंज कसते हुए उन्होंने कहा कि उनके प्रतिद्वंद्वियों की तैयार मिठाइयों में नमक पड़ गया। उन्होंने अनंत सिंह की जमानत और चुनावी बयानबाजी को लेकर भी निशाना साधा।
अनंत सिंह ने स्वीकार की हार
अनंत सिंह ने अपने समर्थित उम्मीदवार की हार स्वीकार करते हुए कहा कि जनता सर्वोपरि है। उनके मुताबिक, स्नातक निर्वाचन क्षेत्र के चुनाव में मतदाता पंजीकरण बेहद अहम होता है और उम्मीदवार को मतदाताओं के नाम जुड़वाने के लिए पर्याप्त समय नहीं मिला। उन्होंने कहा कि जीत-हार चुनावी प्रक्रिया का हिस्सा है।
अनंत सिंह ने स्पष्ट किया कि उन्हें पार्टी से कोई शिकायत नहीं है, लेकिन नीरज कुमार से उनके मतभेद हैं। उन्होंने यह भी कहा कि वह नीरज कुमार को जीत की बधाई नहीं देंगे। उन्होंने दावा किया कि दुलारचंद यादव मामले को दिल्ली ले जाने को लेकर उनके और जेडीयू नेता के बीच मतभेद बढ़े थे।
इस चुनाव में नीरज कुमार की जीत अनंत सिंह के राजनीतिक प्रभाव के लिए झटका मानी जा रही है। शुरुआती रिपोर्टों में अंतिम आधिकारिक घोषणा लंबित थी।
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