बिहार के समस्तीपुर जिले में एक युवा, नीतीश कुमार (22) को कथित तौर पर जबरन विवाह के लिए अगवा कर लिया गया, जिसे स्थानीय तौर पर "पकड़वा विवाह" कहा जाता है। यह घटना शनिवार, 7 फरवरी 2026 को घटी। बाद में जिला पुलिस ने युवक को सुरक्षित निकाल लिया और मामले की जांच शुरू कर दी है।
रिपोर्ट के अनुसार, नीतीश कुमार जो पुलिस भर्ती की तैयारी कर रहे थे, 7 फरवरी को देर रात लाइब्रेरी से लौट रहे थे। उन्होंने बताया कि कुछ लोगों ने उन्हें नशीले पदार्थ से भरा पेय दिया, जिससे उनकी होश उड़ गए। इसके बाद उन्हें पीटा गया और लगभग चार किलोमीटर दूर मौरवा गांव के एक मंदिर में एक लड़की से विवाह करने के लिए मजबूर किया गया। विवाह की दुल्हन, चक्रजा अली गांव की निवासी बताई जा रही है।
समस्तीपुर जिले के शाहपुर पतोरी पुलिस स्टेशन में इस मामले में प्राथमिकी दर्ज कर ली गई है। पुलिस ने बताया कि युवक को सुरक्षित बाहर निकाल लिया गया है और आगे की कानूनी कार्रवाई के लिए जांच जारी है।
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मामला बिहार में जबरन विवाह और अपहरण की गंभीर समस्याओं को उजागर करता है। पकड़वा विवाह, एक प्राचीन प्रथा, जहां पुरुष या महिला को जबरदस्ती विवाह के लिए तैयार किया जाता है। इस घटना ने समाज में ऐसी प्रथाओं के खिलाफ जागरूकता और कानूनी कार्रवाई की आवश्यकता को फिर से रेखांकित किया है।
पुलिस ने युवाओं और उनके परिवारों से अपील की है कि किसी भी संदिग्ध गतिविधि की सूचना तुरंत स्थानीय पुलिस को दें ताकि समय रहते अपराधियों को पकड़ा जा सके और पीड़ितों को सुरक्षित निकाला जा सके।
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