32 हजार से ज्यादा पदों पर भर्ती का ऐलान
बिहार सरकार ने शिक्षक भर्ती परीक्षा के चौथे चरण यानी टीआरई-4.0 के तहत 32,388 शिक्षक पदों पर भर्ती का नोटिफिकेशन जारी कर दिया है। इसके बावजूद पटना में अभ्यर्थियों का आंदोलन जारी है। छात्र नेता दिलीप कुमार के नेतृत्व में अभ्यर्थी गर्दनीबाग में प्रदर्शन कर रहे हैं।
छात्रों का कहना है कि सिर्फ भर्ती का ऐलान उनकी समस्याओं का समाधान नहीं है। वे भर्ती प्रक्रिया में बदलाव समेत अपनी प्रमुख मांगों को स्वीकार किए जाने तक आंदोलन जारी रखने पर अड़े हैं। प्रदर्शनकारियों ने भूख हड़ताल की भी घोषणा की है। उनका कहना है कि मांगें नहीं मानी गईं तो आंदोलन तेज किया जाएगा और बिहार विधानसभा के बाहर पांच दिन तक प्रदर्शन किया जाएगा।
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एक ही परीक्षा कराने की मांग
अभ्यर्थियों की प्रमुख मांग है कि टीआरई-4.0 की पूरी भर्ती प्रक्रिया एक ही परीक्षा के माध्यम से कराई जाए। छात्र प्रारंभिक परीक्षा यानी पीटी और मुख्य परीक्षा की अलग-अलग व्यवस्था का विरोध कर रहे हैं।
उनका तर्क है कि परीक्षा के कई चरण होने से भर्ती प्रक्रिया में देरी हो सकती है और अभ्यर्थियों की परेशानी बढ़ेगी।
इसी बीच बिहार लोक सेवा आयोग (बीपीएससी) ने टीआरई-4.0 का विज्ञापन जारी कर दिया है। आयोग के मुताबिक, ऑनलाइन आवेदन प्रक्रिया 1 सितंबर 2026 से शुरू होगी। योग्य भारतीय नागरिक शिक्षा विभाग के 32,388 रिक्त शिक्षक पदों के लिए आवेदन कर सकेंगे।
तेजस्वी यादव ने छात्रों से की मुलाकात
प्रदर्शन के बीच तेजस्वी यादव ने पटना में आंदोलन कर रहे छात्रों से मुलाकात की और उनकी मांगों का समर्थन किया। उन्होंने कहा कि यदि छात्र एकजुट होकर अपनी लड़ाई जारी रखते हैं तो सरकार को उनकी मांगें मानने के लिए मजबूर होना पड़ेगा।
भाकपा-माले के नेता दीपांकर भट्टाचार्य ने भी छात्रों के आंदोलन को समर्थन दिया है। राष्ट्रीय जनता दल ने 19 अगस्त को पटना में राजभवन मार्च निकालने की घोषणा की है।
तेजस्वी यादव ने शिक्षा व्यवस्था और भर्ती परीक्षाओं में कथित अनियमितताओं को लेकर भी राज्य सरकार पर निशाना साधा। उन्होंने आरोप लगाया कि बिहार में परीक्षाओं में पेपर लीक और निष्पक्ष चयन को लेकर लगातार सवाल उठते रहे हैं। छात्रों का आंदोलन अब भर्ती की घोषणा से आगे बढ़कर परीक्षा प्रक्रिया में बदलाव और पारदर्शी चयन की मांग पर केंद्रित हो गया है।
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