छत्तीसगढ़ के दुर्ग जिले में केंद्रीय अन्वेषण ब्यूरो (सीबीआई) ने रिश्वतखोरी के आरोप में वरिष्ठ रेलवे अधिकारी अनमोल उके और उनके कथित बिचौलिए को गिरफ्तार किया है। सीबीआई के मुताबिक, अधिकारी पर एक शिकायतकर्ता के लंबित बिलों को मंजूरी देने के बदले रिश्वत मांगने का आरोप है।
जांच एजेंसी ने बताया कि अधिकारी ने पहले लंबित बिलों को पास करने के बदले दो लाख रुपये की रिश्वत मांगी थी। बाद में वह एक लाख रुपये लेने पर सहमत हो गया। सीबीआई के अनुसार, रिश्वत की पहली किस्त के तौर पर 50 हजार रुपये कथित बिचौलिए के जरिए स्वीकार करते समय अधिकारी को पकड़ा गया।
सीबीआई ने बताया कि कार्रवाई 13 अगस्त को की गई थी। अनमोल उके भारतीय रेलवे मैकेनिकल इंजीनियरिंग सेवा के अधिकारी हैं और भिलाई में दक्षिण पूर्व मध्य रेलवे के वरिष्ठ मंडल यांत्रिक अभियंता के पद पर तैनात थे। एजेंसी ने अधिकारी और उसके कथित बिचौलिए को 14 अगस्त को गिरफ्तार किए जाने की जानकारी दी।
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गिरफ्तारी के बाद सीबीआई ने रायपुर और भिलाई में आरोपी अधिकारी के आवासीय और कार्यालय परिसरों की तलाशी ली। तलाशी के दौरान करीब 77 लाख रुपये नकद बरामद किए गए। इसके अलावा लगभग 14 लाख रुपये मूल्य के आभूषण भी मिले। जांच एजेंसी ने नकदी और आभूषणों को मामले में महत्वपूर्ण बरामदगी बताया है।
सीबीआई ने मामले में भ्रष्टाचार से जुड़े आरोपों की जांच शुरू कर दी है। एजेंसी यह पता लगाने का प्रयास कर रही है कि कथित रिश्वतखोरी में अधिकारी और बिचौलिए की भूमिका क्या थी तथा अन्य किसी व्यक्ति की संलिप्तता है या नहीं।
गिरफ्तारी के बाद दोनों आरोपियों को अदालत के समक्ष पेश किया गया। अदालत ने उन्हें चार दिन की पुलिस हिरासत में भेज दिया है। सीबीआई ने कहा कि मामले में आगे की जांच जारी है और तलाशी तथा पूछताछ के आधार पर जांच का दायरा बढ़ाया जा सकता है।
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