केंद्रीय माध्यमिक शिक्षा बोर्ड (सीबीएसई) ने अपने डिजिटल इंफ्रास्ट्रक्चर पर हुए समन्वित साइबर हमलों के बाद दिल्ली पुलिस में औपचारिक शिकायत दर्ज कराई है। बोर्ड ने बताया कि यह हमला विशेष रूप से उसके पोस्ट-रिजल्ट सर्विसेज पोर्टल को निशाना बनाकर किया गया था।
सीबीएसई ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म पर जानकारी देते हुए कहा कि सभी साइबर हमलों को 24x7 निगरानी प्रणाली की मदद से सफलतापूर्वक रोका गया और किसी भी तरह का डेटा लीक या सिस्टम कम्प्रोमाइज नहीं हुआ।
बोर्ड के अनुसार, री-इवैल्यूएशन पोर्टल पर अब तक कुल 70,433 आवेदन प्राप्त हुए हैं, जिनमें 7,314 आवेदन मार्क्स वेरिफिकेशन और 63,119 आवेदन री-इवैल्यूएशन के लिए शामिल हैं।
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सीबीएसई ने यह भी बताया कि 3 जून 2026 को लगभग 3.8 मिलियन पैकेट्स के जरिए एक बड़ा डिनायल-ऑफ-सर्विस (DoS) हमला किया गया, लेकिन तकनीकी टीम की तत्परता से पोर्टल पूरी तरह सुरक्षित और चालू रहा।
री-इवैल्यूएशन आवेदन की अंतिम तिथि 6 जून की मध्यरात्रि निर्धारित की गई है। कई छात्रों ने सोशल मीडिया पर आवेदन प्रक्रिया में आ रही दिक्कतों की शिकायत की है, जिस पर बोर्ड ने कहा है कि वे डायरेक्ट मैसेज (DM) के जरिए अपनी समस्या साझा करें, टीम सहायता करेगी।
सीबीएसई ने यह भी स्पष्ट किया है कि केवल वे छात्र ही री-इवैल्यूएशन के लिए आवेदन कर सकते हैं जिन्होंने उत्तर पुस्तिकाओं की फोटोकॉपी पहले ही प्राप्त की हो। इसके अलावा, मार्किंग स्कीम के आधार पर मूल्यांकन किया जाएगा और परिणाम अंतिम व बाध्यकारी होगा।
भुगतान प्रक्रिया को आसान बनाने के लिए UPI, नेट बैंकिंग, डेबिट और क्रेडिट कार्ड जैसे कई विकल्प भी जोड़े गए हैं।
इसी बीच, OSM (ऑन-स्क्रीन मार्किंग) सिस्टम से जुड़े मामलों की जांच के लिए एक सदस्यीय समिति का गठन किया गया है, जिसकी अध्यक्षता एस. राधा चौहान करेंगी। समिति को एक महीने में रिपोर्ट सौंपनी है।
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