केंद्र सरकार ने केंद्रीय माध्यमिक शिक्षा बोर्ड (सीबीएसई) में बड़ा प्रशासनिक कदम उठाते हुए अध्यक्ष राहुल सिंह और सचिव हिमांशु गुप्ता का तबादला कर दिया है। यह कार्रवाई ऑन-स्क्रीन मार्किंग (ओएसएम) सेवा से जुड़े विवाद और कथित अनियमितताओं के बाद की गई है। मामले की जांच के लिए एक उच्च स्तरीय समिति भी गठित कर दी गई है।
यह कदम ऐसे समय पर उठाया गया है जब सीबीएसई के रिवैल्यूएशन पोर्टल पर साइबर हमलों की शिकायतें सामने आई थीं। बोर्ड के अनुसार, पोर्टल पर कुछ ही मिनटों में लगभग 15 लाख हिट्स दर्ज किए गए और एक लाख से अधिक अनधिकृत फाइल एक्सेस के प्रयास किए गए। इस दौरान छात्रों को पोर्टल का उपयोग करने में भी दिक्कतों का सामना करना पड़ा।
सीबीएसई ने अपने आधिकारिक बयान में कहा कि यह एक संभावित डिनायल ऑफ सर्विस (DoS) हमला था, जिसने सिस्टम को बाधित करने की कोशिश की। हालांकि, बाद में पोर्टल को स्थिर कर दिया गया और हजारों छात्रों ने सफलतापूर्वक अपने आवेदन पूरे किए।
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बोर्ड ने यह भी बताया कि छात्रों की सुविधा को देखते हुए प्लेटफॉर्म में सुधार किए गए हैं, जिसमें सत्र समय सीमा (सेशन टाइम लिमिट) बढ़ाना भी शामिल है ताकि प्रक्रिया अधिक सरल और सुगम हो सके।
ओएसएम विवाद के बीच शिक्षा मंत्रालय ने सीबीएसई से विस्तृत रिपोर्ट मांगी है। मंत्रालय ने कोएम्प्ट (COEMPT) नामक सेवा प्रदाता को दिए गए ठेके की पूरी प्रक्रिया की जांच शुरू कर दी है। इसमें टेंडर प्रक्रिया, निर्णय लेने वाले अधिकारियों और नियमों के पालन से जुड़े सभी दस्तावेज मांगे गए हैं।
सूत्रों के अनुसार, मंत्रालय यह जांच कर रहा है कि क्या सेवा प्रदाता के चयन में सभी निर्धारित नियमों और प्रक्रियाओं का पालन किया गया था या नहीं। साथ ही छात्रों द्वारा उत्तर पुस्तिकाओं में गड़बड़ी की शिकायतों के बाद यह मामला और गंभीर हो गया है।
इस कार्रवाई को शिक्षा व्यवस्था में पारदर्शिता और जवाबदेही सुनिश्चित करने की दिशा में एक बड़ा कदम माना जा रहा है।
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