केंद्र सरकार देश की सांस्कृतिक विरासत के संरक्षण और संग्रहालयों के आधुनिकीकरण को बढ़ावा देने के लिए संग्रहालय अनुदान योजना संचालित कर रही है। केंद्रीय संस्कृति एवं पर्यटन मंत्री गजेंद्र सिंह शेखावत ने लोकसभा में एक लिखित उत्तर के माध्यम से यह जानकारी दी।
गजेंद्र सिंह शेखावत ने बताया कि संस्कृति मंत्रालय इस योजना के तहत नए संग्रहालयों की स्थापना, मौजूदा संग्रहालयों के विकास, संग्रहालयों के डिजिटलीकरण तथा सांस्कृतिक धरोहरों के संरक्षण के लिए वित्तीय सहायता प्रदान कर रहा है। इस योजना का उद्देश्य देश की ऐतिहासिक और सांस्कृतिक विरासत को आधुनिक तकनीक के माध्यम से सुरक्षित रखना और अधिक से अधिक लोगों तक उसकी पहुंच सुनिश्चित करना है।
उन्होंने कहा कि संग्रहालय केवल ऐतिहासिक वस्तुओं के संरक्षण का माध्यम नहीं हैं, बल्कि वे शिक्षा, शोध और सांस्कृतिक जागरूकता को भी बढ़ावा देते हैं। इसलिए सरकार संग्रहालयों में आधुनिक सुविधाओं, डिजिटल अभिलेखों, इंटरैक्टिव प्रदर्शनियों और बेहतर आगंतुक सुविधाओं के विकास पर विशेष ध्यान दे रही है।
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मंत्री ने बताया कि योजना के तहत राज्य सरकारों, केंद्र शासित प्रदेशों, स्वायत्त संस्थाओं और अन्य पात्र संगठनों को परियोजनाओं के आधार पर वित्तीय सहायता उपलब्ध कराई जाती है। इसका उद्देश्य देशभर में संग्रहालयों के बुनियादी ढांचे को मजबूत करना और उन्हें आधुनिक आवश्यकताओं के अनुरूप विकसित करना है।
उन्होंने कहा कि सरकार दुर्लभ पांडुलिपियों, प्राचीन कलाकृतियों, ऐतिहासिक दस्तावेजों और सांस्कृतिक धरोहरों के संरक्षण के लिए डिजिटलीकरण को भी प्राथमिकता दे रही है। इससे इन धरोहरों को लंबे समय तक सुरक्षित रखने के साथ-साथ शोधकर्ताओं, विद्यार्थियों और आम नागरिकों के लिए भी आसानी से उपलब्ध कराया जा सकेगा।
केंद्र सरकार का मानना है कि संग्रहालयों का आधुनिकीकरण और सांस्कृतिक विरासत का संरक्षण भारत की समृद्ध ऐतिहासिक पहचान को मजबूत करेगा। इसके साथ ही पर्यटन को भी बढ़ावा मिलेगा और नई पीढ़ी को देश के इतिहास, कला और संस्कृति से जुड़ने का बेहतर अवसर प्राप्त होगा। सरकार ने स्पष्ट किया कि संग्रहालय अनुदान योजना के माध्यम से देशभर में सांस्कृतिक विरासत के संरक्षण और संग्रहालयों के समग्र विकास की दिशा में लगातार प्रयास जारी रहेंगे।
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