सोशल मीडिया पर एक वीडियो तेजी से वायरल हो रहा है, जिसमें दावा किया जा रहा है कि चीनी ऐप की मदद से ATM मशीन को भी चालू और बंद किया जा सकता है। इस वीडियो के सामने आने के बाद लोगों में सुरक्षा को लेकर चिंता बढ़ गई है। हालांकि, विशेषज्ञों का कहना है कि यह दावा सही नहीं है और बैटरी मैनेजमेंट ऐप के जरिए ATM को नियंत्रित करना संभव नहीं है।
कुछ दिन पहले ई-रिक्शा को नियंत्रित करने वाले चीनी ऐप को लेकर विवाद सामने आया था। इसके बाद सरकार ने बैटरी मैनेजमेंट सिस्टम (BAT-BMS) जैसे कुछ ऐप्स पर कार्रवाई की थी। इसी घटनाक्रम के बाद अब ATM कंट्रोल करने का दावा करने वाला वीडियो इंटरनेट पर वायरल हो रहा है।
वायरल वीडियो में एक व्यक्ति बिना चेहरा दिखाए एक ATM के पास जाता है और मोबाइल ऐप के जरिए मशीन को चालू और बंद करता हुआ दिखाई देता है। वीडियो में इस्तेमाल किया गया ऐप इंटरफेस ई-रिक्शा नियंत्रित करने वाले ऐप जैसा नजर आ रहा है। हालांकि, इस वीडियो की प्रमाणिकता की स्वतंत्र रूप से पुष्टि नहीं हुई है।
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साइबर विशेषज्ञों के अनुसार, ई-रिक्शा में लगी बैटरी को बैटरी मैनेजमेंट ऐप के जरिए नियंत्रित किया जा सकता है, लेकिन ATM मशीनों की सुरक्षा व्यवस्था पूरी तरह अलग होती है। ATM बैंक के सुरक्षित नेटवर्क से जुड़े होते हैं और इनमें कई स्तरों की सुरक्षा प्रणाली तथा फायरवॉल लगी होती है। इसलिए किसी सामान्य ऐप के जरिए ATM को बंद या चालू करना लगभग असंभव है।
विशेषज्ञों का मानना है कि वायरल वीडियो में संभवत: ATM मशीन को सामान्य तरीके से रीबूट किया गया होगा, जिसे गलत तरीके से ऐप कंट्रोल के रूप में पेश किया जा रहा है। फिलहाल किसी बैंक की ओर से इस वीडियो को लेकर कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया नहीं आई है।
ई-रिक्शा ऐप विवाद के बाद सरकार ने BAT-BMS समेत तीन ऐप्स पर प्रतिबंध लगाया था। इलेक्ट्रॉनिक्स और सूचना प्रौद्योगिकी मंत्रालय (MeitY) ने गूगल प्ले स्टोर और एप्पल ऐप स्टोर से इन ऐप्स को हटाने के निर्देश दिए थे। हालांकि, विशेषज्ञों ने लोगों को सलाह दी है कि वे ऐसे फर्जी ऐप्स से सावधान रहें, जो असली ऐप्स जैसे दिखते हैं और सुरक्षा जोखिम पैदा कर सकते हैं।
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