सेंट्रल इंडस्ट्रियल सिक्योरिटी फोर्स (सीआईएसएफ) ने रविवार को इंदिरा गांधी अंतरराष्ट्रीय हवाईअड्डा (आईजीआई एयरपोर्ट), दिल्ली पर एक संयुक्त आतंकवाद विरोधी अभ्यास का आयोजन किया। इस अभ्यास का मुख्य उद्देश्य सुरक्षा बलों की तत्परता का मूल्यांकन करना और विभिन्न एजेंसियों के बीच समन्वय को और मजबूत करना था।
अभ्यास में विमान, टर्मिनल और हवाईअड्डे के विभिन्न हिस्सों में आतंकवादियों की संभावित गतिविधियों पर प्रतिक्रिया के तरीके का परीक्षण किया गया। इसमें हवाईअड्डा पुलिस, अग्निशमन विभाग और आपातकालीन प्रतिक्रिया टीमों ने भी हिस्सा लिया। अभ्यास के दौरान आतंकवादी हमलों की संभावित स्थितियों, बम धमाकों, हथियारों से हमलों और यात्रियों की सुरक्षा सुनिश्चित करने की रणनीतियों पर ध्यान केंद्रित किया गया।
सीआईएसएफ के अधिकारी ने बताया कि इस तरह के अभ्यास से सुरक्षा बलों की तैयारियों में सुधार होता है और यह सुनिश्चित करता है कि वास्तविक स्थिति में सभी एजेंसियां तुरंत और प्रभावी ढंग से प्रतिक्रिया कर सकें। उन्होंने कहा कि अंतर-एजेंसी तालमेल और समय पर निर्णय लेना किसी भी हवाईअड्डे की सुरक्षा के लिए अहम है।
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आईजीआई एयरपोर्ट, देश का प्रमुख अंतरराष्ट्रीय हवाईअड्डा होने के नाते, आतंकवादी हमलों के लिए संवेदनशील स्थान माना जाता है। इसलिए, इस तरह के नियमित अभ्यास यात्रियों की सुरक्षा सुनिश्चित करने और संभावित खतरों का मुकाबला करने के लिए महत्वपूर्ण हैं।
अभ्यास को सफलतापूर्वक संपन्न करने के बाद, अधिकारियों ने कहा कि भविष्य में और भी उन्नत तकनीक और रणनीतियों के साथ ऐसे अभ्यास किए जाएंगे, ताकि हवाईअड्डे और आसपास के क्षेत्र को हर तरह के खतरों से सुरक्षित रखा जा सके।
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