उत्तराखंड के मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने विशेष विधानसभा सत्र के दौरान विपक्ष द्वारा उठाए गए विभिन्न विधायी प्रश्नों का विस्तार से जवाब दिया। उन्होंने सरकार की नीतियों और विकास कार्यों पर प्रकाश डालते हुए ‘सबका साथ, सबका विकास’ के सिद्धांत को दोहराया।
रिपोर्ट के अनुसार, सत्र के दौरान आंगनवाड़ी कार्यकर्ताओं के मानदेय वृद्धि से जुड़ा मुद्दा भी प्रमुख रूप से उठाया गया। इस पर मुख्यमंत्री धामी ने कहा कि उनकी सरकार पहले भी आंगनवाड़ी कार्यकर्ताओं के मानदेय में वृद्धि कर चुकी है और उनके योगदान को लगातार महत्व देती रही है।
उन्होंने यह भी कहा कि सरकार आंगनवाड़ी कार्यकर्ताओं की अपेक्षाओं और समस्याओं से पूरी तरह अवगत है। इस दिशा में आगे भी सकारात्मक और उचित निर्णय लिए जाएंगे ताकि उनके हितों की रक्षा सुनिश्चित हो सके।
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सीएम धामी ने सदन में कहा कि राज्य सरकार का उद्देश्य समाज के हर वर्ग तक विकास की पहुंच सुनिश्चित करना है। उन्होंने बताया कि विभिन्न योजनाओं के माध्यम से महिलाओं, बच्चों और ग्रामीण क्षेत्रों के विकास पर विशेष ध्यान दिया जा रहा है।
विपक्ष द्वारा उठाए गए अन्य सवालों का जवाब देते हुए मुख्यमंत्री ने सरकार की उपलब्धियों और चल रही योजनाओं की जानकारी भी सदन के समक्ष रखी। उन्होंने कहा कि पारदर्शिता और जवाबदेही सरकार की प्राथमिकता है।
विशेष सत्र के दौरान माहौल पूरी तरह लोकतांत्रिक रहा, जहां सरकार और विपक्ष के बीच विभिन्न मुद्दों पर चर्चा हुई। मुख्यमंत्री ने भरोसा दिलाया कि जनता के हित में सभी निर्णय संवेदनशीलता के साथ लिए जाएंगे।
इस पूरे सत्र में सरकार ने अपने विकास एजेंडे को दोहराते हुए राज्य के समग्र विकास की प्रतिबद्धता को एक बार फिर स्पष्ट किया।
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